ऋषभ पंत को सुरेश रैना ने बताया अपना पसंदीदा खिलाड़ी, बोले सफेद गेंद के क्रिकेट और आईपीएल में भी और परिपक्व होंगे

ऋषभ पंत को सुरेश रैना ने बताया अपना पसंदीदा खिलाड़ी, बोले सफेद गेंद के क्रिकेट और आईपीएल में भी और परिपक्व होंगे

प्रेषित समय :20:00:57 PM / Sat, Sep 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना पसंदीदा खिलाड़ी बताया है. रैना ने कहा कि पंत के खेल में वह खास ‘एक्स फैक्टर’ है, जो उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है. टेस्ट क्रिकेट में पंत के लगातार शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए रैना ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में वह सीमित ओवरों के क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में भी पहले से अधिक परिपक्व नजर आएंगे.

रैना ने यह टिप्पणी आकाश चोपड़ा के यूट्यूब कार्यक्रम में ऋषभ पंत के प्रदर्शन पर चर्चा के दौरान की. उन्होंने पंत की मेहनत और उनके खेल में आए बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि वह लगातार खुद को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं. रैना का मानना है कि पंत के अंदर मौजूद आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता और मैच का रुख बदलने की योग्यता उन्हें विशेष खिलाड़ी बनाती है.

पंत के खेल में दिख रहा है खास एक्स फैक्टर
सुरेश रैना ने पंत की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने खेल पर काफी मेहनत की है और उनके प्रदर्शन से वह बेहद खुश हैं. रैना के मुताबिक, हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन पंत उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से बेहद पसंद करते हैं.

रैना ने कहा कि पंत टेस्ट क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं और उनके खेल में एक अलग तरह का एक्स फैक्टर मौजूद है. उनके अनुसार यही विशेषता पंत को मैच की दिशा बदलने वाला खिलाड़ी बनाती है.

रैना ने उम्मीद जताई कि जिस तरह पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने खेल को समय के साथ विकसित किया है, उसी तरह सफेद गेंद के क्रिकेट में भी वह अनुभव के साथ और अधिक परिपक्व होंगे. आईपीएल में भी उनके प्रदर्शन में यह परिपक्वता देखने को मिल सकती है.

टेस्ट क्रिकेट में पंत की मजबूत मौजूदगी
ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में खुद को भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में स्थापित किया है. 52 टेस्ट मैचों में उनके नाम 3725 रन दर्ज हैं. उनका बल्लेबाजी औसत 43.82 रहा है. इस दौरान पंत ने आठ शतक और 21 अर्धशतक लगाए हैं.

टेस्ट क्रिकेट में पंत की खासियत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रही है. विकेट के पीछे भी उन्होंने समय के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार किया है. यही कारण है कि भारतीय टेस्ट टीम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है.

हालिया टेस्ट सीरीज में भी पंत ने उपयोगी प्रदर्शन किया. शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की. इस सीरीज में पंत ने तीन पारियों में 168 रन बनाए. उनका औसत 56.00 रहा और उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए.

सीमित ओवरों की टीम से अभी दूर हैं पंत
टेस्ट क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहने के बावजूद ऋषभ पंत फिलहाल भारत की सीमित ओवरों की टीम का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने 2024 के बाद भारत की ओर से कोई एकदिवसीय या टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है.

पंत का आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 28 जुलाई 2024 को श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में हुआ था. वहीं उनका अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 7 अगस्त 2024 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ ही था.

ऐसे में सुरेश रैना की टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. उन्होंने सीधे तौर पर पंत की सीमित ओवरों की वापसी की भविष्यवाणी नहीं की, लेकिन यह भरोसा जरूर जताया कि सफेद गेंद के क्रिकेट में समय के साथ पंत का खेल और परिपक्व हो सकता है.

अभिषेक शर्मा को टेस्ट में मौका देने की पैरवी
सुरेश रैना ने बातचीत के दौरान युवा भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के टेस्ट क्रिकेट में खेलने की भी पैरवी की. रैना का मानना है कि अभिषेक को सबसे लंबे प्रारूप में खेलने का अवसर मिलना चाहिए.

अभिषेक शर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है. रैना ने सवाल उठाया कि क्या इंडियन प्रीमियर लीग की टीमों के मालिक और राज्य क्रिकेट संघ खिलाड़ियों के मन में टेस्ट क्रिकेट को लेकर पर्याप्त सोच विकसित कर रहे हैं.

रैना ने कहा कि उन्हें लगता है कि अभिषेक शर्मा को टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए. उन्होंने इस संदर्भ में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का भी उल्लेख किया.

वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी उठाए सवाल
रैना ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि वैभव अभी बहुत युवा हैं और यह भी देखना जरूरी है कि वह स्वयं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं या नहीं. इसके साथ ही उनके प्रशिक्षकों की राय भी महत्वपूर्ण है.

रैना के मुताबिक, किसी युवा खिलाड़ी के करियर में केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही समय पर सही प्रारूप चुनना भी महत्वपूर्ण होता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों की भूमिका भी अहम है.

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या आईपीएल टीमों के मालिक और क्रिकेट संघ खिलाड़ियों के सामने टेस्ट क्रिकेट को करियर के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रख रहे हैं या नहीं. उनके अनुसार, युवा क्रिकेटरों को लंबे प्रारूप के महत्व के बारे में समझाने में प्रशिक्षकों और क्रिकेट संस्थाओं की बड़ी भूमिका हो सकती है.

टेस्ट और सफेद गेंद के बीच संतुलन पर जोर
रैना की टिप्पणियों का व्यापक संदर्भ भारतीय क्रिकेट में अलग-अलग प्रारूपों के बीच संतुलन से जुड़ा है. मौजूदा दौर में टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता और आईपीएल के बड़े मंच ने युवा खिलाड़ियों को तेजी से पहचान दिलाई है. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए अलग तकनीक, धैर्य और मानसिक तैयारी की आवश्यकता होती है.

ऋषभ पंत इसका एक उदाहरण हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक शैली को परिस्थितियों के अनुसार ढालते हुए खुद को भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल किया है. अब रैना को उम्मीद है कि यही परिपक्वता पंत के सफेद गेंद के खेल में भी दिखाई देगी.

वहीं अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को लेकर रैना की टिप्पणी इस बात पर जोर देती है कि युवा खिलाड़ियों के करियर में केवल तत्काल सफलता के बजाय लंबे समय के विकास को भी महत्व दिया जाना चाहिए.

रैना ने पंत की मेहनत, प्रतिभा और निरंतर सुधार की सराहना करते हुए साफ किया कि उन्हें इस बल्लेबाज से काफी उम्मीदें हैं. टेस्ट क्रिकेट में स्थापित हो चुके पंत के लिए अब सीमित ओवरों में खुद को दोबारा साबित करने की चुनौती है. रैना का भरोसा है कि अनुभव के साथ पंत का खेल और परिपक्व होगा और उनका ‘एक्स फैक्टर’ आने वाले समय में सफेद गेंद के क्रिकेट और आईपीएल में भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-