जहरीली शराब से मौत मामले में 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच, मोहन यादव ने की कार्रवाई

जहरीली शराब से मौत मामले में 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच, मोहन यादव ने की कार्रवाई

प्रेषित समय :17:40:43 PM / Sun, Sep 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

सागर. मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जहरीली शराब पीने से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. 12 मौत से यह आंकड़ा बढ़कर करीब 16 मौतों तक पहुंच गया है. बंडा सिविल अस्पताल में जहां 10 लोगों के मौतों की जानकारी, वहीं सागर जिला अस्पताल में 4 लोगों की मौत की जानकारी मिली है. हालांकि अधिकृत तौर पर अभी सीएमएचओ सागर ने करीब 12 मौतों की ही पुष्टि की है.

इधर, जहरीली शराब से मौत मामले में सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 1 अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है.

3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच

सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है.

कांग्रेस ने सागर-कानपुर मार्ग किया जाम

लगातार मौतों के बाद कांग्रेस ने सागर-कानपुर मार्ग जाम कर दिया और शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री हर्ष यादव, बंडा के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी प्रदर्शन में शामिल हुए. इस घटना से प्रभावित लोगों में ग्राम पाटन, नौराज, डिलौना, बमूरा, हिनौती, गूगराखुर्द सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में भी मौतों और लोगों की तबीयत बिगडऩे का मामला सामने आया है.

सीएमएचओ ने की 12 मौत की पुष्टि

सीएमएचओ डॉ देवेश पटैरिया का कहना है, अभी तक 12 मौतों का मामला सामने आया है. लगातार सागर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लोगों को रेफर किया जा रहा है. हमारी 3 टीमें जो हॉट स्पॉट पाटन, नौराज, डिलोना, बमूरा, हिनौती और गूगराखुर्द गांव में तैनात की गई हैं. वहां लगातार डॉक्टर और नर्सेज की टीम लोगों का इलाज करने और रेफर करने का काम कर रही है. पहले यहां से एक-एक केस आ रहे थे, अब हमारी टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है.

सीएमएचओ डॉ देवेश पटैरिया ने बताया, शनिवार को शाम के समय एक केस आया था, जो काफी गंभीर था और यहां के डॉक्टरों ने उसके इलाज की कोशिश की, लेकिन नहीं बचाया जा सका है. अभी तक जो लक्षण आ रहे हैं, उसके अनुसार माना जा सकता है कि इस मामले में प्वाइजनिंग हो सकती है लेकिन हम अधिकृत तौर पर नहीं कह सकते हैं. यहां से करीब 25 लोगों को सागर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.

हर दोषी पर दर्ज हो हत्या का मामला

घटना की सूचना मिलते ही बंडा के कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवरसिंह लोधी, जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह मुहासा ने पीडि़तों से मुलाकात के बाद सागर कानपुर मार्ग जाम कर दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण भूपेन्द्र सिंह मोहासा का कहना है, बंडा में जहरीली शराब पीने से अब तक 14 लोगों की मौत का मामला सामने आया है लेकिन ये संख्या बढ़ रही है. बहुत से लोग सीधे जिला अस्पताल में खुद भर्ती हुए हैं, वहां से भी कुछ लोगों की मौत की जानकारी मिली है.

अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों पर हो कड़ी कार्रवाई

कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हर्ष यादव ने इस घटना को दर्दनाक और शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा है, मैं पिछले 20 सालों से अवैध शराब और नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा हूं. समय-समय पर प्रशासन और सरकार को गंभीर समस्या से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग करता रहा हूं लेकिन इसके बावजूद यदि अवैध शराब का कारोबार आज भी बेखौफ जारी है, तो यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. जहरीली शराब के निर्माण और सप्लाई से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए. मेरी मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए. अवैध शराब के कारोबार को संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच हो. मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं हर संभव सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-