इंदौर. कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आकाश जाटव नामक युवक ने कथित रूप से खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. घटना के बाद मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हो गए. पूछताछ में मामला वाहन और डीजे की बकाया राशि से जुड़े विवाद का सामने आया. युवक का दूसरे पक्ष के साथ वाहन खरीदने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और उसने इस संबंध में विभिन्न कार्यालयों में शिकायतें भी की थीं.
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई. वहीं, कलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण और सुरक्षित परिसर में ज्वलनशील पदार्थ पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं. मामले में पुलिस यह भी जांच करेगी कि युवक का कृत्य आत्महत्या के प्रयास की श्रेणी में आता है या नहीं.
11.21 लाख रुपये में खरीदा था डीजे लगा वाहन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आकाश जाटव ने 31 जनवरी 2025 को डीजे लगा वाहन 11.21 लाख रुपये में खरीदा था. सौदे के समय उसने दो लाख रुपये नकद दिए थे. शेष राशि आठ महीने में चुकाने की मौखिक सहमति बनी थी. इसके बाद आकाश ने वाहन की कीमत के एवज में करीब 2.50 लाख रुपये और दिए.
इस तरह कुल 4.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया. इसके बाद भी वाहन की पूरी कीमत का भुगतान नहीं हो सका. निर्धारित अवधि बीतने के बाद दोनों पक्षों के बीच भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही.
आठ महीने की अवधि के बाद भी नहीं हुआ पूरा भुगतान
बताया गया कि आठ महीने में पूरी रकम का भुगतान नहीं होने पर दोनों पक्षों के बीच दोबारा बातचीत हुई. इसके बाद करीब चार महीने का अतिरिक्त समय देने की बात सामने आई. इसके बावजूद लगभग 16 महीने बीत जाने के बाद भी वाहन की पूरी राशि का भुगतान नहीं हो सका.
भुगतान नहीं होने पर दूसरे पक्ष ने वाहन और डीजे वापस ले लिया. इसके बाद आकाश ने इस मामले को लेकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में शिकायतें करना शुरू किया. मंगलवार को वह इसी विवाद के संबंध में अपनी बात रखने के लिए कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा था.
लिखित अनुबंध नहीं होने की बात सामने आई
जूनी इंदौर के एसडीएम धनश्याम धनगर के अनुसार दोनों पक्षों के बीच वाहन खरीद-बिक्री को लेकर कोई लिखित अनुबंध नहीं था. सौदे और भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवाद की स्थिति बनी.
प्रशासनिक स्तर पर मामले की जानकारी लेने के दौरान भुगतान, वाहन वापस लिए जाने और दोनों पक्षों के बीच हुए कथित समझौते से संबंधित बिंदुओं की जानकारी सामने आई. हालांकि पूरे विवाद में किस पक्ष का दावा सही है, इसे लेकर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी.
जनसुनवाई के दौरान अचानक मचा हंगामा
मंगलवार को आकाश जाटव अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा था. इसी दौरान उसने कथित रूप से अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. अचानक हुई इस घटना से जनसुनवाई स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया.
अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को संभालने का प्रयास किया. घटना के बाद युवक से पूछताछ की गई और पूरे मामले की जानकारी ली गई. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना के कारणों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई.
पुलिस करेगी आत्महत्या के प्रयास की जांच
अधिकारियों के अनुसार युवक द्वारा खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की घटना कानूनी रूप से आत्महत्या के प्रयास की श्रेणी में आती है या नहीं, इसका निर्धारण पुलिस जांच के बाद करेगी. फिलहाल घटना के पीछे वाहन संबंधी विवाद को प्रमुख कारण के रूप में बताया जा रहा है.
पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी लेने के साथ युवक के बयान और शिकायत से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर सकती है. इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.
कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. कार्यालय में नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित होती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. ऐसे में परिसर में ज्वलनशील पदार्थ लेकर युवक के पहुंचने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है.
प्रशासनिक परिसर में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच की व्यवस्था के बावजूद यदि कोई व्यक्ति ज्वलनशील पदार्थ अंदर ले जाने में सफल होता है, तो सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. अब यह देखा जाना है कि प्रशासन घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करता है या नहीं.
फिलहाल जनसुनवाई के दौरान हुई इस घटना ने वाहन भुगतान विवाद को अचानक गंभीर मोड़ दे दिया है. एक ओर पुलिस युवक के कृत्य और घटना की परिस्थितियों की जांच करेगी, वहीं दूसरी ओर वाहन सौदे में हुए भुगतान और दोनों पक्षों के बीच विवाद से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा सकती है. घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

