सफाई मित्रों के अवकाश पर इंदौरियों ने थामी झाड़ू, शहर में चला हम भी स्वच्छताग्रही अभियान

सफाई मित्रों के अवकाश पर इंदौरियों ने थामी झाड़ू, शहर में चला हम भी स्वच्छताग्रही अभियान

प्रेषित समय :20:26:42 PM / Sun, Sep 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. देश में स्वच्छता के लिए अपनी अलग पहचान बना चुके इंदौर ने रविवार को एक बार फिर जनभागीदारी की मिसाल पेश की. शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले साढ़े आठ हजार से अधिक सफाई मित्र और स्वच्छता दीदियां गोगा नवमी के अगले दिन अवकाश पर रहे, लेकिन इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई नहीं दिया. सुबह होते ही बड़ी संख्या में इंदौरवासी खुद हाथों में झाड़ू लेकर सड़कों पर उतर गए. जनप्रतिनिधियों, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों, रहवासी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया.

राजवाड़ा से शुरू हुआ ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान देखते ही देखते शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गया. इस दौरान नागरिकों ने न केवल सार्वजनिक स्थानों और सड़कों की सफाई की, बल्कि वर्षभर शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया.

सफाई मित्रों के सम्मान में सड़क पर उतरे इंदौरी
गोगा नवमी के अगले दिन सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को अवकाश देने की परंपरा इंदौर में लंबे समय से चली आ रही है. यह अवकाश केवल आराम का अवसर नहीं, बल्कि वर्षभर शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम भी है. इस दिन इंदौरवासी उनकी जिम्मेदारी का एक हिस्सा स्वयं संभालते हैं.

सफाई मित्र वर्षभर मौसम की परवाह किए बिना शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में जुटे रहते हैं. किसी आयोजन, जुलूस, शोभायात्रा या सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद भी सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के कंधों पर होती है. ऐसे में उनके अवकाश के दिन शहरवासियों का खुद सफाई के लिए आगे आना उनके प्रति सम्मान की भावना को दर्शाता है.

राजवाड़ा से शुरू हुआ ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान
हर वर्ष की तरह इस बार भी अभियान की शुरुआत ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र से हुई. महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने राजवाड़ा उद्यान और परिसर में झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की. उनके साथ जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों ने भी सफाई में सहभागिता की.

महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, निरंजन सिंह चौहान, पार्षद दल सचेतक कमल वाघेला, पार्षद रूपाली पेंढारकर, कंचन गिदवानी, अपर आयुक्त प्रखर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि अभियान में शामिल हुए.

वार्डों में भी नागरिकों ने संभाली जिम्मेदारी
राजवाड़ा पर सांकेतिक शुरुआत के बाद ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान शहर के विभिन्न वार्डों में चलाया गया. रहवासी संगठनों के सदस्यों ने अपने क्षेत्रों में सफाई की. बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों, सामाजिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और अन्य समूहों ने भी अभियान में भाग लिया.

कई स्थानों पर नागरिकों ने अपने आसपास की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की. अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करना नहीं था, बल्कि नागरिकों में यह भावना मजबूत करना भी था कि शहर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है.

2016 से जारी है आमजन की सहभागिता
गोगा नवमी के अगले दिन सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को अवकाश देने की परंपरा पुरानी है, लेकिन इस दिन आम नागरिकों के सफाई अभियान में शामिल होने की शुरुआत वर्ष 2016 से हुई. इसके बाद यह गतिविधि धीरे-धीरे एक सामूहिक अभियान का रूप लेती गई.

इंदौर के इस प्रयोग से दूसरे शहर भी प्रेरणा ले रहे हैं. उज्जैन में भी इंदौर से प्रेरित होकर इसी तरह की पहल शुरू की जा चुकी है.

22 जोन और 85 वार्डों में संभलती है सफाई व्यवस्था
इंदौर नगर निगम की सफाई व्यवस्था बड़े स्तर पर संचालित होती है. शहर में 22 जोन और 85 वार्ड हैं. सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए 22 सीएसआइ, 44 सहायक सीएसआइ, 85 दारोगा और 170 सहायक दारोगा कार्यरत हैं. इसके अलावा 10 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी भी व्यवस्था की निगरानी करते हैं.

शहर में सफाई के लिए 25 स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया जाता है. घरों से कचरा एकत्र करने के लिए 625 डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन संचालित होते हैं, जबकि कचरा उठाने के लिए 150 से अधिक ओपन वाहन भी लगाए गए हैं.

सुबह पांच बजे से शुरू हो जाता है सफाई का काम
शहर में सफाई का निर्धारित समय सुबह करीब 6.30 बजे से माना जाता है, लेकिन सफाई मित्र और स्वच्छता दीदियां लगभग सुबह पांच बजे से ही अपने-अपने क्षेत्रों में काम शुरू कर देते हैं. सुबह 6.30 बजे उनकी हाजिरी दर्ज होती है. इसके बाद दोपहर दो बजे तक अपने क्षेत्र की सफाई पूरी करने की जिम्मेदारी रहती है.

दोपहर तीन बजे से रात 12 बजे तक दूसरी पाली के कर्मचारी सफाई व्यवस्था संभालते हैं. जरूरत के अनुसार कुछ क्षेत्रों में रात के समय भी सफाई का काम जारी रहता है.

सुबह सात बजे से शुरू होता है कचरा संग्रहण
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था भी शहर की स्वच्छता प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है. वाहनों के माध्यम से सामान्य तौर पर सुबह सात बजे से घरों और अन्य निर्धारित स्थानों से कचरा उठाया जाता है. एक क्षेत्र में सामान्यतः एक बार कचरा संग्रहण किया जाता है, जबकि कुछ व्यावसायिक क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार दो बार कचरा उठाने की व्यवस्था भी है.

जनभागीदारी ही इंदौर की सबसे बड़ी ताकत
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि वर्षभर सफाई मित्र किसी भी जलसे, जुलूस या शोभायात्रा के बाद सफाई की जिम्मेदारी निभाते हैं. गोगा जन्मोत्सव के अवसर पर जब वे अवकाश पर होते हैं तो उनके सम्मान में शहरवासियों का सफाई अभियान में शामिल होना जरूरी है.

निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार सफाई मित्र पूरे वर्ष मौसम की परवाह किए बिना समर्पण के साथ शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखते हैं. गोगा नवमी के अगले दिन उनका अवकाश होता है. ऐसे में नागरिकों का मैदान में उतरकर सफाई करना उनके सम्मान का एक तरीका है.

इंदौर की स्वच्छता यात्रा में ‘हम भी स्वच्छताग्रही’ अभियान उस सोच का प्रतीक है, जिसमें शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी नगर निगम और सफाई कर्मचारियों के साथ आम नागरिक भी स्वीकार करता है. यही सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी इंदौर की स्वच्छता पहचान को लगातार मजबूत कर रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-