जबलपुर. एमपी के जबलपुर में विक्टोरिया अस्पताल के मीटिंग हॉल में प्रमुख पेंशनर संगठनों की संयुक्त बैठक हुई. इसमें पेंशनरों की रुकी महंगाई राहत का एरियर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और कैशलेस इलाज की मांग उठाई गई. संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी कि दिवाली से पहले मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के करीब 5 लाख पेंशनर भोपाल में विशाल रैली और अर्धनग्न प्रदर्शन कर सकते हैं.
पेंशनरों की मुख्य मांग रुकी हुई महंगाई राहत का एरियर सहित भुगतान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा है. पदाधिकारियों ने बताया कि 5 लाख रुपए के आयुष्मान कार्ड से पेंशनरों को फायदा नहीं मिल रहा है. अस्पताल अक्सर इलाज करने से मना कर देते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ की तरह मध्य प्रदेश में भी पेंशनरों के लिए कैशलेस और बेहतर स्वास्थ्य नीति लागू करने की मांग की. बैठक में नेताओं को मिलने वाली पेंशन पर भी सवाल उठाए गए. एसोसिएशन ने देश में 'एक व्यक्ति, एक पेंशन का नियम लागू करने की मांग की है.
संगठन के अनुसार, यह नियम अभी सिर्फ डिफेंस में लागू है. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी को एक पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि कई नेता विधायक, सांसद और अन्य पदों के नाम पर चार-चार पेंशन ले रहे हैं. उनका कहना है कि इससे सरकार के अरबों-खरबों रुपए बचेंगे. संगठन ने ऐलान किया कि अगर इस महीने के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. नवंबर में जबलपुर में प्रदेश स्तरीय बड़ा सम्मेलन और चुनाव कराया जाएगा. बैठक में नगर निगम, विद्युत मंडल और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनर एकजुट हुए.

