बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया है. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा जारी एक नया फरमान में स्पष्ट किया गया है कि राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल प्रथम दो पद (श्लोक) ही गाए जाएंगे.
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल उपस्थित हों या जिन कार्यक्रमों का प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार कर रही हो, वहां पूरे 6 पदों का गायन किया जाएगा.
केंद्रीय दिशा-निर्देशों के तहत जारी हुआ आदेश
यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रगीत के शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) और सम्मान को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के संदर्भ में लिया गया है. 8 सितंबर 2026 को राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य में आयोजित होने वाले सरकारी समारोहों में एकरूपता और उचित सम्मान बनाए रखना है.
उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही वंदे मातरम के प्रथम दो पदों का विशेष महत्व रहा है और कांग्रेस कार्य समिति ने भी 1937 के प्रस्ताव का पालन करते हुए पार्टी आयोजनों में पहले दो पदों के गायन की परंपरा को बनाए रखने का निर्णय लिया था.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

