ग्वालियर में सवर्ण संगठनों का प्रदर्शन, यूजीसी नियम वापस लेने और आरक्षण की आर्थिक आधार पर समीक्षा की मांग

ग्वालियर में सवर्ण संगठनों का प्रदर्शन, यूजीसी नियम वापस लेने और आरक्षण की आर्थिक आधार पर समीक्षा की मांग

प्रेषित समय :19:19:16 PM / Thu, Sep 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. यूजीसी के हालिया नियमों और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को लेकर ग्वालियर में गुरुवार को सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया. महारानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के समीप मैदान में जुटे प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों में बदलाव की मांग के साथ आरक्षण व्यवस्था की आर्थिक आधार पर समीक्षा की मांग उठाई. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा नीतियों की समीक्षा जरूरी है. उन्होंने यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि इन पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा.

पहले किया था ग्वालियर बंद का आह्वान
सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों की ओर से पहले ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया था. हालांकि बाद में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी गई.

पिछले तीन दिनों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ लगातार बैठक कर रहे थे. अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर संगठन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की. इसके बाद निर्धारित स्थान पर धरना आयोजित किया गया.

प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने लक्ष्मीबाई समाधि के सामने मैदान में अपनी मांगों को लेकर सभा की.

यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया दिशा-निर्देशों और नियमों पर आपत्ति जताई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नियमों में किए गए प्रावधान सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के अवसरों को प्रभावित कर सकते हैं.

उन्होंने यूजीसी से संबंधित नियमों पर पुनर्विचार करने और विवादित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में अवसरों को लेकर किसी भी नीति का निर्धारण करते समय सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को ग्वालियर से आगे व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा.

आरक्षण की आर्थिक आधार पर समीक्षा की मांग
धरने में दूसरी प्रमुख मांग आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा को लेकर रही. प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग उठाई.

उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार किसी भी सामाजिक वर्ग से हों, उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसरों में सहायता मिलनी चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों तक सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही.

सभा में वक्ताओं ने इसे सामाजिक समरसता और समान अवसर से जोड़ते हुए वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की मांग की.

सुरक्षा को लेकर सुबह से पुलिस तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस सुबह से ही सक्रिय रही. एसएसपी धर्मवीर सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों और जवानों को ब्रीफ किया. इसके बाद शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया.

प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल के आसपास भी पर्याप्त पुलिस बल लगाया था. अधिकारियों की कोशिश थी कि धरना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो.

पुलिस ने यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी, ताकि प्रदर्शन के कारण आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो.

संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाई
पुलिस ने शहर के उन क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ाई, जहां दो अप्रैल 2018 को कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाएं हुई थीं. इन इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की गई.

प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या विवाद की स्थिति बनने से रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी. पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे.

हालांकि गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित स्थल पर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया.

इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी
प्रदर्शन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चल रही गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर रही. साइबर सेल की टीम पोस्ट, संदेश और संभावित अफवाहों की निगरानी कर रही थी.

पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकना था. अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा नहीं करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति
प्रदर्शन से पहले प्रशासन और सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठकों का असर धरना स्थल पर भी दिखाई दिया. प्रशासन ने निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति दी और आयोजकों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने को कहा.

प्रदर्शनकारियों ने भी निर्धारित स्थान पर ही सभा की और अपनी मांगों को लेकर वक्तव्य दिए. इस दौरान पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद स्थिति सामान्य रही.

आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गुरुवार का धरना उनकी मांगों को सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने का माध्यम है. यदि यूजीसी के नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगे बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे.

फिलहाल ग्वालियर में आयोजित धरना शांतिपूर्ण रहा. पुलिस और प्रशासन की निगरानी के बीच प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें रखीं और आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी. अब आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि यूजीसी और सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-