जबलपुर. एमपी के जबलपुर में माढ़ोताल क्षेत्र स्थित सूरतलाई में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर जगन्नाथपुरी उड़ीसा की महिला सविता राठ की रोशन विश्वकर्मा से दूसरी शादी करा दी गई. शादी के तीन दिन बाद जब सविता ने घर से भागने की कोशिश की, पकडऩे जाने पर सविता ने कहा कि वह गर्भवती है, उसे रुपयों का लालच देकर शादी कराई गई है. पुलिस ने मामले में शादी कराने वाले प्रवीन राठ सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज लिया है.
पुलिस के अनुसार रोशन विश्वकर्मा उम्र 40 वर्ष निवासी विजय निवास कालोनी ग्राम सूरतलाई ने शादी के लिए लड़की तलाश कर रहा था. इस दौरान रोशन अपने पिता व अन्य परिजनों के साथ जगन्नाथपुरी पहुंचा, जहां पर प्रवीन राठ से मुलाकात हुई. उसने बताया कि वह शादी विवाह कराता है. प्रवीन ने रोशन व उनके परिजनों को वाट्सएप पर लड़कियों की फोटो दिखाई, लेकिन बात नहीं बनी. कुछ दिन बाद प्रवीन ने सविता नामक युवती के बारे में जानकारी देते हुए उसकी मौसी ममता महीर व मामी झांसी कुमारी से सम्पर्क करवाया, मौसी व मामी ने सविता राठ का अविवाहित होना तथा मॉ का देहांत होना बताया. रोशन व उनके परिजन सविता राठ के साथ शादी कराने के लिए तैयार हो गए.
30 जुलाई की रात प्रवीन राठ, सविता राठ, ममता महीर व झांसी कुमारी जबलपुर आये, रोशन ने सभी को सूरतलाई वाले मकान में रुकवाया, दूसरे दिन सूरतलाई के ही पंडित नारायण विलोहा ने उसका एवं सविता राठ का विवाह हिन्दू रीति रिवाज से कराया गया. इस दौरान सविता को चढ़ावे के रूप में सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल दी. वहीं रोशन के परिजनों ने विवाह के बाद प्रवीन राठ, मौसी ममता महीर व झांसी कुमारी को 1 लाख रूपये नगद, प्रवीन को 35 हजार रूपये दिए. शादी के बाद प्रवीन राठ, ममता महीर, झांसी कुमारी 31 अगस्त को बस से रायपुर के लिए रवाना हो गए.
इधर विवाह के तीन दिन तक सविता घर में अच्छे से रही लेकिन रोशन को पत्नी सुख नहीं दिया, रोशन के पूछने पर बहाने बनाती रही. 4 सितम्बर को सविता ने घर से भागने लगी, जिसे परिजनों ने पकड़ लिया. पूछताछ करने पर सविता ने चौकाने वाला खुलासा किया, उसने रोशन व उनके परिजनों को बताया कि वह शादीशुदा है और इन दिनों गर्भवती भी है. प्रवीन राठ, ममता महरी व झांसी कुमारी ने उसे पैसे देने का लालच दिया जिसके लालच में आकर विवाह किया है. पुलिस ने मामले में सविता कलसई, प्रवीण, ममता महीर, झांसी कुमारी के विरूद्ध बीती रात धारा 318(4), 61 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

