2,000 तक के UPI और RuPay कार्ड से पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, केंद्र सरकार ने साफ की स्थिति

2,000 तक के UPI और RuPay कार्ड से पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, केंद्र सरकार ने साफ की स्थिति

प्रेषित समय :11:41:47 AM / Tue, Sep 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और रुपे (RuPay) डेबिट कार्ड से भुगतान करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत भरी घोषणा की है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये तक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर बैंक या पेमेंट कंपनियां किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूल सकेंगी. इसी तरह, RuPay डेबिट कार्ड के जरिए 2,000 रुपये तक के लेनदेन को भी पूरी तरह शुल्क मुक्त रखा गया है. वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में औपचारिक राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर सभी तरह की अटकलों और भ्रम पर विराम लगा दिया है.

गजट नोटिफिकेशन जारी, मनमानी पर रोक

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, RuPay डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के यूपीआई पेमेंट्स को आधिकारिक तौर पर ‘इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम’ के रूप में अधिसूचित किया गया है. पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए सरकार ने कड़ा निर्देश दिया है कि कोई भी बैंक, पेमेंट गेटवे या सिस्टम ऑपरेटर इन माध्यमों से पैसे भेजने या प्राप्त करने वाले किसी भी व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं काट सकता.

P2P पेमेंट पूरी तरह फ्री, मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर भी दी सफाई

मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन हमेशा की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. वहीं, व्यापारियों (मर्चेंट्स) पर भी व्यापक रूप से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) थोपने की कोई योजना नहीं है. सरकार के मुताबिक, यदि भविष्य में कभी एमडीआर लागू करने की जरूरत पड़ी भी, तो वह केवल चुनिंदा श्रेणियों के बड़े व्यावसायिक भुगतानों पर एक तय सीमा से ऊपर ही लगेगा, जिसकी दरें क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर लगने वाले शुल्कों के मुकाबले बेहद नगण्य होंगी.

संशोधन के बाद फैल रहे भ्रम को किया दूर

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में हालिया बदलावों के बाद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर यूपीआई के महंगे होने और नया चार्ज लगने की चर्चाएं गर्म थीं. सरकार के इस त्वरित और स्पष्ट कदम ने उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है. इससे देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा और छोटे किराना दुकानदारों व रेहड़ी-पटरी वालों पर किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ की आशंका पूरी तरह खत्म हो गई है.

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