केंद्र सरकार के विभागों में 8.23 लाख से ज्यादा पद खाली, आरटीआई में बड़ा खुलासा, पीएसयू के पद शामिल नहीं

केंद्र सरकार के विभागों में 8.23 लाख से ज्यादा पद खाली, आरटीआई में बड़ा खुलासा, पीएसयू के पद शामिल नहीं

प्रेषित समय :18:16:10 PM / Sun, Aug 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के नीमच के एक एक्टिविस्ट चंद्र शेखर गौर द्वारा दायर की गई एक राइट टू इंफॉर्मेशन (आरटीआई) से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के विभिन्न सिविलियन विभागों में 8.23 लाख से ज्यादा स्वीकृत पद खाली पड़े हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार के तहत आने वाले हर पांच में से एक से अधिक स्वीकृत पद पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं है.

आरटीआई में हुआ बड़ा खुलासा

1 मार्च, 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार के विभागों में कुल 39,23,212 स्वीकृत पद थे, लेकिन उनके मुकाबले केवल 30,99,556 कर्मचारी ही कार्यरत थे. इस प्रकार कुल 8,23,656 पद (लगभग 21 प्रतिशत) खाली पड़े हैं. इस आंकड़े में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और पीएसयू की रिक्तियां शामिल नहीं हैं.

प्रशासनिक संस्थानों और मंत्रालयों की स्थिति

शीर्ष कार्यालय: राष्ट्रपति सचिवालय में स्वीकृत 803 पदों में से 287 (35.74त्न) पद खाली हैं. वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में 441 पदों के मुकाबले 126 (28.57 प्रतिशत) पद रिक्त पड़े हैं.
रक्षा व रेलवे: रक्षा मंत्रालय के सिविलियन विंग में 5,56,248 पदों में से 2,42,243 (43.5 प्रतिशत) पद खाली हैं. वहीं, रेलवे में 14,79,701 स्वीकृत पदों के मुकाबले 2,40,125 पद खाली हैं. अकेले इन दोनों विभागों में कुल खाली पदों का आधे से ज्यादा (4.82 लाख) हिस्सा है.
गृह मंत्रालय: देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले गृह मंत्रालय में 11,18,233 स्वीकृत पदों में से 1,10,885 पद खाली हैं.
अन्य प्रमुख विभाग: डाक विभाग में 61,546 पद और राजस्व विभाग में 69,662 (39त्न) पद खाली हैं.

तकनीकी और कृषि क्षेत्रों में कमी

कृषि और किसान कल्याण विभाग में 34 प्रतिशत (1,855 पद) तथा पशुपालन और डेयरी विभाग में 58 प्रतिशत (1,378 पद) जगहें खाली हैं. पर्यावरण मंत्रालय में 38 प्रतिशत और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में 41 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं. इसके अलावा परमाणु ऊर्जा विभाग में 10,234 तथा अंतरिक्ष विभाग में 4,126 पद खाली हैं. स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी हजारों पद बिना कर्मचारियों के चल रहे हैं. आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग में स्वीकृत क्षमता के आधे से अधिक पद खाली पड़े हैं.

मिशन मोड में भर्ती की मांग

आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौर ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी के इस दौर में ये आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं. सरकारी नौकरी युवाओं का अधिकार है और सरकार को इन खाली पदों को भरने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में शुरू करनी चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-