छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला के बक्सवाहा तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने छापा मारकर रिश्वत ले रहे एक क्लर्क को धर दबोचा. उसने नामांतरण के लिए 50 हजार रिश्वत की मांग की थी. कार्यालय में ही वह 15 हजार रुपये रिश्वत लेते धरा गया.
छतरपुर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूर बक्सवाहा तहसील दफ्तर में सागर लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी. जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे तहसील के बाबू राजेंद्र श्रीवास्तव को लोकायुक्त टीम ने घूस लेते हुए रंगे हाथों आज बुधवार को पकड़ लिया. लोकायुक्त की अचानक दबिश से पूरे तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कई कर्मचारी कार्रवाई के डर से दफ्तर छोड़ भाग निकले.
मांगे 50 हजार, 25 हजार में डील
किसान कृष्णकांत बिलथरे ने बताया जमीन के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया था. बाबू राजेंद्र श्रीवास्तव ने फाइल आगे बढ़ाने और आदेश जारी कराने के बदले 50 हजार रुपये मांगे. 25 हजार रुपये पर बात तय हुई. बाबू पहले ही 10,000 रुपये फरियादी से ऐंठ चुका था. बाकी बची 15,000 रुपये की दूसरी किस्त देने के लिए बाबू लगातार दबाव बना रहा था. परेशान होकर पीडि़त ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से कर दी.
रिश्वत की रकम लेते ही हाथ हुए गुलाबी
शिकायत के प्राथमिक सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से फरियादी को केमिकल लगे नोट देकर तहसील भेजा. जैसे ही कृष्णकांत ने तय रकम बाबू राजेंद्र श्रीवास्तव के हाथ में थमाई, पहले से घेराबंदी कर बैठी लोकायुक्त टीम ने मौके पर छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया. हाथ धुलवाते ही बाबू के हाथ गुलाबी हो गए. लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरन तिर्की ने बताया लोकायुक्त टीम ने बाबू के कब्जे से रिश्वत की रकम 15 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. साथ ही नामांतरण से संबंधित मूल फाइल और दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं.

