रायपुर.राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक हाईटेक मोबाइल स्नैचिंग सिंडिकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. तीन राज्यों तक फैले इस नेटवर्क के सदस्य चोरी और लूटे गए मोबाइलों का लॉक तोड़कर और उनकी पहचान मिटाकर सेकंड हैंड मार्केट में बेचते थे. पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सरगना समेत पांच आरोपियों को दबोचा गया है.
सीसीटीवी से मिला सुराग, ऐसे सुलझी गुत्थी
हाल ही में हुई लूट की वारदातों की पड़ताल के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज के आधार पर सबसे पहले स्थानीय आरोपी शहजाद अली को हिरासत में लिया गया. कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों गौरव और कृष के नामों का खुलासा किया. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का सुराग मिला.
तकनीकी का इस्तेमाल कर मिटाते थे मोबाइल की पहचान
जांच में सामने आया कि रायपुर से चुराए गए फोन सीधे स्थानीय बाजार में नहीं बेचे जाते थे. पकड़े जाने के डर से इन्हें तुरंत ओडिशा में बैठे गिरोह के सदस्य भोदेव मेहर के पास भेजा जाता था. भोदेव अपनी दुकान की आड़ में विशेष सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल कर मोबाइलों को अनलॉक करता था.
यदि आईफोन या सैमसंग जैसे प्रीमियम फोन सॉफ्टवेयर से अनलॉक नहीं होते थे, तो उनके मदरबोर्ड बदल दिए जाते थे. जिन फोन्स का लॉक ओडिशा में भी नहीं खुल पाता था, उन्हें राजस्थान के कोटा में मौजूद सॉफ्टवेयर के जानकार आकाश परेटा के पास भेजा जाता था, जो तकनीकी मदद से फोन को पूरी तरह रीसेट कर देता था.
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस टीम ने तीनों राज्यों में समन्वित छापेमारी कर अब तक 14 कीमती मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में लगभग 100 से अधिक चोरी और स्नैचिंग की वारदातों का खुलासा हुआ है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से जब्त उपकरणों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं.

