नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं से पहले अपने संबद्ध स्कूलों को छात्रों का डेटा तैयार करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के रजिस्ट्रेशन और कक्षा 10वीं व 12वीं के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले बोर्ड ने स्कूलों से छात्रों की प्रत्येक जानकारी को बारीकी से जांचने को कहा है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र के नाम, जन्मतिथि, अभिभावक के नाम या चुने गए विषय से जुड़ी छोटी सी गलती भी आगे परीक्षा प्रक्रिया के दौरान परेशानी का कारण बन सकती है.
रजिस्ट्रेशन और एलओसी से पहले तैयारी के निर्देश
सीबीएसई की ओर से संबद्ध स्कूलों के प्राचार्यों और प्रमुखों को पत्र भेजकर छात्रों की जानकारी पहले से व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं. बोर्ड के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान छात्रों का व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण निर्धारित प्रारूप में जमा किया जाता है. इसलिए जानकारी दर्ज करने से पहले स्कूलों को उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान कर लेना चाहिए.
बोर्ड ने यह भी कहा है कि पहले भी स्कूलों को छात्रों की जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यक्तिगत विवरण और विषयों से संबंधित डेटा में गलतियां सामने आती रही हैं. कुछ मामलों में जरूरी जानकारी निर्धारित समयसीमा में जमा नहीं होने की समस्या भी सामने आई है.
इन जानकारियों की जांच करना जरूरी
सीबीएसई ने स्कूलों को छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी की विशेष रूप से जांच करने को कहा है. इसमें छात्र का पूरा नाम, जन्मतिथि, जेंडर, श्रेणी तथा माता-पिता या अभिभावक का पूरा नाम और उसकी सही वर्तनी शामिल है.
स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्र की तस्वीर और हस्ताक्षर बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप हों. किसी भी जानकारी में टाइपिंग की गलती या रिकॉर्ड से अलग विवरण दर्ज होने पर आगे चलकर सुधार की प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ सकती है.
विषय और सब्जेक्ट कोड भी सही भरना होगा
छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी के साथ उनके चुने गए विषयों का विवरण भी बेहद महत्वपूर्ण है. बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों की स्कीम ऑफ स्टडी के अनुसार विषयों का पंजीकरण सही तरीके से किया जाए.
विषय के नाम के साथ संबंधित विषय कोड भी सही दर्ज करना होगा. बोर्ड परीक्षा में छात्र जिस विषय के लिए पंजीकृत है, उसकी जानकारी एलओसी में दर्ज होती है. ऐसे में विषय चयन या विषय कोड में गलती होने पर परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
कक्षा 9वीं और 11वीं के लिए रजिस्ट्रेशन
परीक्षा 2027 से जुड़ी तैयारियों में कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी शामिल है. इन कक्षाओं के छात्रों का डेटा आगे की शैक्षणिक और बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण होता है. इसी वजह से सीबीएसई ने स्कूलों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले विद्यार्थियों की जानकारी तैयार रखने के लिए कहा है.
स्कूलों को छात्रों के उपलब्ध दस्तावेज और स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी का सत्यापन करने की सलाह दी गई है, ताकि रजिस्ट्रेशन के समय गलत डेटा दर्ज होने की संभावना कम हो.
कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए एलओसी होगी महत्वपूर्ण
कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट जमा करने की प्रक्रिया बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसी सूची के आधार पर परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का विवरण बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है.
इसलिए स्कूलों को एलओसी तैयार करते समय प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तिगत विवरण, विषय और अन्य जरूरी जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन करना होगा. बोर्ड ने स्कूलों को यह काम अंतिम समय के लिए नहीं छोड़ने और पहले से आवश्यक रिकॉर्ड तैयार रखने को कहा है.
समयसीमा का रखना होगा ध्यान
सीबीएसई ने स्कूलों को रजिस्ट्रेशन और एलओसी से संबंधित जानकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा करने के निर्देश दिए हैं. बोर्ड के अनुसार, समय पर सही जानकारी उपलब्ध होने से परीक्षा से पहले की प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से पूरा करने में मदद मिलती है.
स्कूल स्तर पर डेटा तैयार करने के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों से संबंधित रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा सकता है. विशेष रूप से नाम और जन्मतिथि जैसे विवरणों की स्पेलिंग तथा अंक दर्ज करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
छोटी गलती भी बन सकती है बड़ी परेशानी
बोर्ड परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज विवरण विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. नाम, जन्मतिथि, अभिभावक का नाम या विषय संबंधी जानकारी में अंतर होने पर बाद की प्रक्रियाओं में सुधार की जरूरत पड़ सकती है. इसी वजह से सीबीएसई ने स्कूलों को पहले से ही छात्रों का सही और अपडेटेड डेटा तैयार रखने को कहा है.
बोर्ड के निर्देशों के बाद स्कूलों को अब परीक्षा 2027 की प्रक्रिया के लिए अपने रिकॉर्ड की समीक्षा करनी होगी. खास तौर पर 9वीं और 11वीं के रजिस्ट्रेशन तथा 10वीं और 12वीं की एलओसी से पहले व्यक्तिगत विवरण, फोटो, हस्ताक्षर और विषय संबंधी जानकारी की जांच करना जरूरी होगा.
सीबीएसई की यह तैयारी परीक्षा प्रक्रिया में डेटा संबंधी गलतियों को कम करने पर केंद्रित है. स्कूलों द्वारा समयसीमा के भीतर सही जानकारी उपलब्ध कराए जाने से विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा रिकॉर्ड को तैयार करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

