अब फास्टैग बदले बिना बदल सकेंगे बैंक, एनएचएआई ने लॉन्च किया वनटैग

अब फास्टैग बदले बिना बदल सकेंगे बैंक, एनएचएआई ने लॉन्च किया वनटैग

प्रेषित समय :20:34:05 PM / Thu, Sep 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग उपयोगकर्ताओं को बड़ी सुविधा देते हुए ‘वनटैग’ सेवा शुरू की है. इस सुविधा के तहत वाहन मालिक अब अपने वाहन की विंडशील्ड पर लगे फास्टैग को बदले बिना उसका जारीकर्ता बैंक बदल सकेंगे. एनएचएआई ने यह सुविधा राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से शुरू की है. इससे फास्टैग उपयोगकर्ताओं को बैंक या सेवा प्रदाता बदलने के लिए नया टैग लेने की आवश्यकता नहीं होगी.

राजमार्गयात्रा ऐप से होगा बैंक बदलने का विकल्प
एनएचएआई के अनुसार, वनटैग सुविधा का उद्देश्य फास्टैग व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है. देश में 13 करोड़ से अधिक फास्टैग उपयोगकर्ताओं को इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है. अब तक बैंक बदलने की स्थिति में उपयोगकर्ता को पुराने फास्टैग से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया फास्टैग लेना पड़ता था. वनटैग के जरिए इस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.

इसके लिए उपयोगकर्ता को राजमार्गयात्रा ऐप पर लॉगिन करना होगा. इसके बाद वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर यह जांचना होगा कि फास्टैग बैंक बदलने के लिए पात्र है या नहीं. पात्रता पूरी होने पर वर्तमान जारीकर्ता बैंक से छह अंकों का मोबाइल सत्यापन कोड प्राप्त करना होगा. सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता अपनी पसंद का नया फास्टैग जारीकर्ता बैंक चुन सकेगा.

नया टैग लगाने की जरूरत नहीं
वनटैग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बैंक बदलने के बावजूद वाहन पर लगा फास्टैग वही रहेगा. फास्टैग पहचान संख्या वाहन के साथ पहले की तरह जुड़ी रहेगी. नए बैंक के साथ केवाईसी और वॉलेट संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोर्टिंग प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी.

एनएचएआई का कहना है कि इससे उपयोगकर्ताओं को बार-बार फास्टैग खरीदने, पुराने टैग हटाने और नए टैग को वाहन पर लगाने की परेशानी से राहत मिलेगी. साथ ही टैग के उत्पादन, वितरण और दोबारा जारी करने पर होने वाली लागत में भी कमी आएगी.

छह महीने की होगी कूलिंग अवधि
वनटैग के तहत बैंक बदलने के बाद उपयोगकर्ता को दोबारा बैंक बदलने के लिए छह महीने की प्रतीक्षा अवधि पूरी करनी होगी. यानी एक बार फास्टैग को नए जारीकर्ता बैंक में पोर्ट करने के बाद अगले पोर्टिंग विकल्प का इस्तेमाल तत्काल नहीं किया जा सकेगा. एनएचएआई ने इस व्यवस्था को फास्टैग के जीवनचक्र को व्यवस्थित रखने और बार-बार होने वाले बदलावों को नियंत्रित करने के लिए लागू किया है.

पोर्टिंग पूरी होने के बाद पुराने जारीकर्ता बैंक द्वारा संबंधित फास्टैग वॉलेट बंद कर दिया जाएगा. उसमें उपलब्ध शेष राशि को लागू समायोजन के बाद उपयोगकर्ता को वापस किया जाएगा. इस प्रक्रिया के बाद नया बैंक फास्टैग से जुड़ी सेवाओं का संचालन करेगा.

एक ही ऐप पर कई सुविधाएं
राजमार्गयात्रा ऐप को फास्टैग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए एकीकृत मंच के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. उपयोगकर्ता इस ऐप के माध्यम से फास्टैग वार्षिक पास और स्थानीय पास जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं. इसके अलावा राजमार्गों पर आपात स्थिति में सहायता के लिए 1033 हेल्पलाइन तक पहुंच भी ऐप के माध्यम से उपलब्ध है.

एनएचएआई के मुताबिक वनटैग सेवा से फास्टैग व्यवस्था में उपयोगकर्ताओं की पसंद और सुविधा बढ़ेगी. बैंक बदलने की प्रक्रिया आसान होने के साथ ही वाहन पर लगे मौजूदा फास्टैग को बरकरार रखा जा सकेगा. इससे फास्टैग से जुड़ी अनावश्यक पुनः जारी करने की प्रक्रिया कम होगी और डिजिटल टोल भुगतान व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-