जबलपुर/बालाघाट. एमपी के बालाघाट में लांजी स्थित नीमटोला में आज जबलपुर से पहुंची आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने विलास चौरे के घर पर छापा मारा है. विलास चौरे मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर काम कर रहा है. जांच में ईओडब्ल्यू की टीम को विलास की आय से 500 गुना ज्यादा संपत्ति व निवेश के दस्तावेज मिले है.
ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि कुल वाहनों की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है. विलास चौरे पत्नी के नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का काम भी कर रहे थे. उनके पास पांच बसों में चार 50 सीटर बस और एक ट्रैवलर बस, दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर शामिल हैं. दोनों ट्रैक्टर खेती के लिए किराए पर चलाते थे. साल 2016 में लांजी में मकान बनाया था, जिसमें 50 लाख रुपए का निर्माण कराया था. करीब छह महीने पहले पास के गांव में 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदी थी. घर में जिम खोलने वाले थे. इसके लिए 10 लाख रुपए के इक्विपमेंट्स भी खरीद रखे थे. पत्नी, बेटे और ट्रैवल्स के नाम से जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते मिले हैं. इन खातों पर रोक लगा दी है. एलआईसी की चार पॉलिसी और पांच लाख रुपए का सोना मिला है.
प्रबंधक दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुआ था-
डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि विलास चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुआ था. वर्तमान में वह प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत था. करीब 12 साल की नौकरी में उसकी आय लगभग 25 लाख रुपए बताई गई है. जांच में सामने आई संपत्तियां उसकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 500 गुना अधिक हैं. ईओडब्ल्यू द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है. बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.
परिवार के नाम कृषि यंत्रों का कारोबार भी है-
विलास चौरे वर्तमान में सेवा सहकारी समिति मनेरी में प्रभारी प्रबंधक के पद पर हैं. उनके परिवार के नाम कृषि यंत्र बेचने का व्यवसाय भी बताया गया है. इसके अलावा 'मातोश्री' नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों के संचालन की जानकारी सामने आई है.
संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच-
ईओडब्ल्यू द्वारा जांच जारी है, जिसमें संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि चौरे के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कितनी संपत्ति मिली है.
15 दिन में बालाघाट जिले में दूसरी कार्रवाई-
बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर ईओडब्ल्यू की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले 3 सितंबर को ईओडब्ल्यू ने बालाघाट के पीआईयू-ई कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी. जांच में उनकी आय से 378 प्रतिशत अधिक, करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी. इसमें नकदी के साथ पत्नी और बेटों के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी दी गई थी.




