शक्ति भवन में बाहरी वाहनों की नो एंट्री, पार्किंग नियम तोड़े तो जब्ती की कार्रवाई

शक्ति भवन में बाहरी वाहनों की नो एंट्री, पार्किंग नियम तोड़े तो जब्ती की कार्रवाई

प्रेषित समय :21:09:08 PM / Fri, Sep 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के शक्ति भवन मुख्यालय परिसर में वाहनों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था को लेकर प्रबंधन ने सख्ती बढ़ा दी है. अब बाहर से काम के सिलसिले में आने वाले आगंतुकों और अन्य व्यक्तियों के वाहनों को सामान्य स्थिति में शक्ति भवन परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इनके लिए परिसर की सीमा के बाहर अलग पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की गई है. केवल आवश्यक अथवा आपात स्थिति में ही बाहरी वाहनों को अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी.

प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था मुख्यालय परिसर में यातायात को व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से लागू की गई है. नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं.

मुख्य सड़क पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित
एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने जबलपुर स्थित सभी विद्युत कंपनियों के मानव संसाधन एवं प्रशासन प्रमुखों की बैठक लेकर पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने स्टाफ के वाहनों को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा कराने की जिम्मेदारी सौंपी.

निर्देश के अनुसार शक्ति भवन परिसर की अंदरूनी मुख्य सड़क पर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का वाहन खड़ा नहीं किया जा सकेगा. इसका उद्देश्य मुख्य मार्ग को हमेशा आवागमन के लिए खुला रखना है, ताकि वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो.

कर्मचारियों के लिए तय पार्किंग जोन
नए नियमों के तहत शक्ति भवन में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहन केवल चिन्हित पार्किंग जोन में ही खड़े करने होंगे. मुख्य सड़क, आवागमन वाले मार्ग अथवा अन्य प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा मिलने पर सुरक्षा अमले द्वारा कार्रवाई की जा सकती है.

प्रबंधन ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ स्टाफ को पार्किंग के निर्धारित नियमों का पालन कराएं. इसके लिए संबंधित मानव संसाधन एवं प्रशासन शाखाओं को भी जिम्मेदारी दी गई है.

आगंतुकों के वाहनों के लिए बाहर पार्किंग
शक्ति भवन में रोजाना विभिन्न कार्यों से बाहरी लोग भी पहुंचते हैं. इनमें अधिकारी-कर्मचारियों से मिलने आने वाले लोग, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक शामिल होते हैं. अब ऐसे लोगों के निजी वाहनों को सामान्य परिस्थितियों में मुख्यालय परिसर के भीतर प्रवेश नहीं मिलेगा.

आगंतुकों के वाहनों के लिए परिसर की बाउंड्री के बाहर अलग स्थान निर्धारित किया गया है. आगंतुकों को अपने वाहन वहीं खड़े करने होंगे. हालांकि, किसी विशेष आवश्यकता अथवा आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार बाहरी वाहन को परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा सकेगी.

लंबे समय तक खड़ा वाहन हटाया जाएगा
प्रबंधन ने परिसर में लंबे समय तक वाहन खड़ा रखने को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. किसी भी वाहन को लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक परिसर में खड़ा रखने की अनुमति नहीं होगी. निर्धारित अवधि से अधिक समय तक वाहन खड़ा मिलने पर सुरक्षा अमला उसके संबंध में कार्रवाई करेगा.

यदि कोई वाहन लंबे समय तक लावारिस अथवा बिना उचित अनुमति के खड़ा पाया जाता है तो उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिस थाने की सहायता लेकर वाहन को जब्त कर परिसर से बाहर कराया जा सकता है.

वाहन मालिक की होगी जिम्मेदारी
निर्देशों के अनुसार नियमों के उल्लंघन पर वाहन हटाने, जब्ती और उसे छुड़ाने से संबंधित प्रक्रिया की जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी. कार्रवाई के दौरान वाहन की सुरक्षा, संभावित टूट-फूट तथा अन्य संबंधित खर्चों को लेकर भी प्रबंधन ने वाहन मालिक को जिम्मेदार ठहराया है.

सुरक्षा विंग को कार्रवाई के निर्देश
प्रबंधन के फैसले के बाद कार्यपालक निदेशक फिरोज कुमार मेश्राम ने सुरक्षा विंग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं. सुरक्षा कर्मियों को पार्किंग और वाहनों की आवाजाही से जुड़े नए नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है.

प्रबंधन का मानना है कि मुख्यालय परिसर में वाहनों की संख्या और अनियंत्रित पार्किंग से आवागमन प्रभावित होने के साथ सुरक्षा संबंधी दिक्कतें भी पैदा हो सकती हैं. नए नियमों के लागू होने के बाद मुख्य सड़क को खाली रखने, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल कराने और बाहरी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने पर विशेष जोर रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-