चलती पवन एक्सप्रेस में मां की गोद से उछलकर इमरजेंसी खिड़की से ट्रेक पर गिरी बच्ची, ऐसे बची मासूम की जान

चलती पवन एक्सप्रेस में मां की गोद से उछलकर इमरजेंसी खिड़की से ट्रेक पर गिरी बच्ची, ऐसे बची मासूम की जान

प्रेषित समय :11:05:55 AM / Sat, Sep 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मुफ्फरपुर-एलटीटी पवन एक्सप्रेस में मां के साथ सफर कर रही डेढ़ साल की बच्ची चलती ट्रेन से अचानक नीचे ट्रेक पर जा गिर गई. घटना पिछले दिनों कटनी-जबलपुर के बीच हुई. ट्रेन कटनी स्टेशन से निकलने के बाद करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.

बच्ची इमरजेंसी खिड़की से करीब 8 फीट नीचे नुकीली गिट्टियों पर जा गिरी. उसे गायब देख मां संजीदा खातून बदहवास हो गईं. यात्रियों ने फौरन चेन पुलिंग की और ट्रैक पर दौड़कर बच्ची को उठा लिया. उसके सिर, पीठ, हाथ-पैर में चोट लगने से बच्ची के शरीर से खून निकल रहा था.

मां को पता ही नहीं चला, कब गिरी

26 वर्षीय संजीदा मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं. उनके पति मुंबई में नौकरी करते हैं. वह डेढ़ साल की बेटी के साथ मुजफ्फरपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई जा रही थीं. वह लोअर बर्थ पर बच्ची को साइड में लिटाकर मोबाइल देख रही थीं. इसी दौरान बच्ची उठकर इमरजेंसी खिड़की की रॉड पकड़कर खड़ी हो गई. ट्रेन के झटके से वह खिड़की से बाहर जा गिरी. बच्ची अचानक गायब हुई तो मां को कुछ समझ नहीं आया. यात्रियों ने बाहर गिरने की आशंका जताई.

रॉड कम होने से खुली जगह से गिरी

यात्रियों के मुताबिक इमरजेंसी खिड़की में सामान्य खिड़की की तुलना में रॉड कम लगी थीं. बच्ची ने रॉड पकड़कर खड़े होने की कोशिश की और झटके के साथ बाहर गिर गई. ट्रेन की रफ्तार और करीब 8 फीट की ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच्ची की हालत देखकर यात्रियों ने राहत की सांस ली. कई यात्रियों ने इसे चमत्कार बताया.

रेलवे ने दूसरी ट्रेन से मुंबई रवाना कराया

ट्रेन जबलपुर स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ और कमर्शियल विभाग की टीम ने बच्ची को अटेंड किया और जिला अस्पताल लेकर गई. प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. संजीदा ने बताया कि जबलपुर में उनका कोई परिचित नहीं है और वह बच्ची का आगे का इलाज मुंबई में कराना चाहती हैं. इसके बाद रेल प्रबंधन ने उन्हें दूसरी ट्रेन से मुंबई रवाना किया. आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि घटना कटनी स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के दौरान हुई. सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट होने के कारण बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-