जबलपुर/कटनी. कटनी की निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया के मामले के पुलिस कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं. इस मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ हनफी के नाम से अलग-अलग गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं.
शुक्रवार देर शाम सामने आए इन दस्तावेजों पर 18 सितंबर 2026 की तारीख दर्ज है. वारंट में आरोपी को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने को कहा गया है. दस्तावेजों में कुठला थाना और अपराध क्रमांक 738/2026 का जिक्र है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं.
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़ा मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में भी है. उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई से पहले जवाब देने को कहा है. इस मामले में 21 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई तय है, जिसमें याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत मिलेगी या नहीं, इस पर विचार होगा. गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है. आरोपों की पुष्टि कोर्ट में सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी.
10 हजार का इनाम घोषित
विभागीय जांच के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया था. पुलिस ने उन पर 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया है. उनके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे और अधिवक्ता प्रियंक अग्रवाल ने दलील दी कि नेहा पच्चीसिया को दुर्भावना से फंसाया गया है. दर्ज एफआईआर में उनके खिलाफ कोई सीधी भूमिका या अपराध होना नहीं दिखता. उनका अन्य सह-आरोपियों के साथ कोई सीधा संबंध या सांठगांठ नहीं है.
वकीलों ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता दो छोटे बच्चों की एकल अभिभावक हैं. इस कार्यवाही के कारण वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं निभा पा रही हैं. उन्होंने मांग की कि याचिका पर अंतिम फैसला आने तक किसी भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए.
अग्रिम जमानत खारिज
कटनी की सत्र अदालत द्वारा याचिकाकर्ता की अग्रिम जमानत अर्जी पहले ही खारिज की जा चुकी है. ?जांच और पुलिसकर्मियों के बयानों के आधार पर अभियोजन ने दावा किया कि नेहा पच्चीसिया और सह-आरोपी क्षितिज राज एक ही मकान में निवास करते थे. सत्र अदालत में दोनों द्वारा एक-दूसरे को पहचानने से इनकार करने को अभियोजन ने संदिग्ध करार दिया.
करोड़ों की जमीन 18 लाख में खरीदी
आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले में आरोपी को फायदा पहुंचाने के इरादे से चालान (चार्जशीट) पेश करने में देरी की गई. इसके बाद आरोपी के परिवार पर दबाव बनाया गया. लगभग 1 से 2 करोड़ रुपए की जमीन को सिर्फ 18-20 लाख रुपए में अपने सहयोगियों के नाम ट्रांसफर करा लिया गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


