जबलपुर में आरडीवीवी के कुलसचिव ने कुलगुरु को लिखा पत्र, मुझे सुरक्षा दी जाए, कुछ भी हो सकता है

जबलपुर में आरडीवीवी के कुलसचिव ने कुलगुरु को लिखा पत्र, मुझे सुरक्षा दी जाए, कुछ भी हो सकता है

प्रेषित समय :14:58:12 PM / Sat, Sep 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) के कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने निलंबित चौकीदार रविंद्र तिवारी से खुद को खतरा बताते हुए कुलगुरू से सुरक्षा की मांग की है. कुलसचिव ने 21 और 24 सितंबर को पत्र लिखे. दोनों पत्रों की एक-एक प्रति सिविल लाइन थाना प्रभारी, अपर सचिव उच्च शिक्षा विभाग को भी भेजी गई है.

कुलसचिव ने पत्र में कहा है कि चौकीदार को कार्य में कदाचरण के चलते उनके द्वारा निलंबित किया गया है. उनका आरोप है कि रविंद्र तिवारी स्वभाव से उग्र है और आए दिन नशे की हालत में रहता है. पूर्व में भी वह कुलसचिव कार्यालय में नशे की हालत में आया था, जहां कर्मचारियों ने समझाइश देकर उसे वापस भेज दिया था. कुलगुरू को लिखे पत्र में डॉ. सोनवाल ने पूर्व में विश्वविद्यालय में पदस्थ रहे सहायक कुलसचिव पवन साहू से रविंद्र तिवारी के विवाद का भी जिक्र किया है.

उन्होंने पत्र में लिखा कि तिवारी ने पवन साहू के साथ झूमाझटकी, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया था. आरोप है कि पवन साहू के घर जाकर भी गाली-गलौज और दरवाजा तोडऩे का प्रयास किया गया. कुलसचिव ने यह भी लिखा कि तिवारी ने पवन साहू पर महिला उत्पीडऩ से जुड़े आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया. पत्र के मुताबिक यह प्रकरण अभी जांच में है और पवन साहू ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ सिविल लाइन थाना पुलिस को भी आवेदन दिया था.

अकेला रहता हूं, नुकसान पहुंचाने की आशंका-

कुलसचिव ने पत्र में कहा कि वह वर्तमान में जबलपुर में अकेले निवास कर रहे हैं. निलंबन के बाद उनके खिलाफ षड्यंत्र या कुचक्र रचे जाने की आशंका है. उन्होंने झूठी शिकायत किए जाने के साथ खुद को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका भी जताई. उन्होंने कुलगुरू से कार्यालय और निवास पर सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि वह भयमुक्त होकर काम कर सकें.

दोबारा मांगी सुरक्षा-

21 सितंबर के पत्र पर कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए कुलसचिव ने फिर कुलगुरू को पत्र लिखा. इसमें उन्होंने कहा कि पहले दिए गए आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई या आदेश नहीं हुआ है. घटना के बाद से वह लगातार डरे और भयग्रस्त हैं, जिससे कार्यालय का काम भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने दोबारा सुरक्षा देने का अनुरोध किया.

पूर्व महासचिव को भी नोटिस-

सुरक्षा की मांग के बीच कुलसचिव ने आरडीवीवी कर्मचारी नेता और पूर्व महासचिव राजेंद्र शुक्ला को भी 25 सितंबर को नोटिस जारी किया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने समाचारों की कटिंग वॉट्सऐप ग्रुप में पोस्ट कर कुलसचिव की छवि धूमिल करने का प्रयास किया. नोटिस में पूछा गया है कि समाचारों में इतनी रुचि लेकर उन्हें ग्रुप में पोस्ट करने के पीछे उनका क्या विशेष या गुप्त एजेंडा है. कुलसचिव ने इसे नियोक्ता की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताते हुए दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-