इंदौर. शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाकों में शामिल राजवाड़ा क्षेत्र में रविवार दोपहर एक सिटी बस के अनियंत्रित होकर राहगीरों को चपेट में लेने से अफरा-तफरी मच गई. हादसे में चार लोग बस की चपेट में आए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है.
व्यस्त बाजार में अचानक मची अफरा-तफरी
रविवार को राजवाड़ा क्षेत्र में सामान्य दिनों की तरह लोगों की आवाजाही बनी हुई थी. इसी दौरान सिटी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे लोगों की ओर चली गई. अचानक हुई टक्कर से आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. कुछ ही क्षणों में सड़क पर घायल लोग दिखाई देने लगे और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े.
हादसे के कारण राजवाड़ा क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हुई.
चार लोग आए बस की चपेट में
पुलिस के अनुसार दुर्घटना में कुल चार लोग बस की चपेट में आए. घायलों को तत्काल एमवाय अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया. तीन अन्य घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
पुलिस मृतक और घायलों की पहचान से संबंधित जानकारी जुटा रही है. हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि दुर्घटना से पहले बस की स्थिति और उसके संचालन से जुड़े घटनाक्रम को समझा जा सके.
हादसे के बाद बस में तोड़फोड़
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया. कुछ लोगों ने बस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए. बताया गया कि पहले बस में मौजूद यात्रियों को बाहर निकाला गया, इसके बाद भीड़ ने बस को निशाना बनाया.
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रण में किया. व्यस्त क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी संभाली, ताकि विवाद या हिंसा आगे न बढ़े.
चालक की भूमिका की जांच
एमजी रोड थाना पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया बस के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है. पुलिस ने चालक की भूमिका समेत दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय बस की गति कितनी थी और चालक वाहन को नियंत्रित क्यों नहीं कर पाया.
पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने के साथ घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर सकती है. फुटेज से बस के घटनास्थल तक पहुंचने और दुर्घटना के समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है.
राजवाड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में सुरक्षा पर सवाल
यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई जब राजवाड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पैदल लोग मौजूद रहते हैं. बाजार और पर्यटन गतिविधियों के कारण यहां सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे इलाके में किसी भारी वाहन के अनियंत्रित होने पर नुकसान की आशंका अधिक रहती है.
हादसे ने भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन वाहनों की आवाजाही और यातायात प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.
अस्पताल में घायलों का उपचार जारी
हादसे में घायल तीन लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है. पुलिस की ओर से घायलों और मृतक से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम जारी है.
फिलहाल पुलिस ने दुर्घटना को लेकर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बस चालक की भूमिका, वाहन की स्थिति, दुर्घटना की परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को जांच में शामिल किया जा रहा है. वहीं, हादसे के बाद बस में की गई तोड़फोड़ को लेकर भी पुलिस घटनास्थल की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

