नई दिल्ली/जयपुर. भारत के बहुपक्षीय वायुसेना अभ्यास तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया गया है. इस संस्सकरण की शुरुआत हो गई है और आगामी 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा. इस अभ्यास में भारत समेत 8 देशों के वायु सेना के जवान हिस्सा ले रहे हैं. सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस बार अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-35 फाइटर जेट और फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमान शामिल हुए हैं. अमेरिका के 6 एफ-35 लाइटनिंग II जेट जोधपुर पहुंच गए हैं, जबकि फ्रांस ने 4 राफेल समेत अपने कई विमान भारत भेजे हैं.
अमेरिका के 6 एफ-35 फाइटर जेट पहली बार भारत में किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं. अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, एफ-35 के साथ 200 से ज्यादा अमेरिकी एयरमेन भी भारत पहुंचे हैं. अभ्यास के दौरान अमेरिकी एफ-35 भारतीय वायुसेना और दूसरे पार्टनर देशों के फाइटर जेट के साथ उड़ान भरेंगे.
फ्रांस के 4 राफेल भी पहुंचे
फ्रांस भी अपने Pegase 26 मिशन के तहत तरंग शक्ति 2026 में शामिल हुआ है. फ्रांसीसी वायुसेना ने 4 राफेल फाइटर जेट के साथ 2 ए400एम मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 3 एमआरटीटी मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट विमान जोधपुर भेजे हैं. इसके अलावा करीब 300 सदस्यों वाली फ्रांसीसी टीम भी भारत पहुंची है. फ्रांस की यह तैनाती Pegase 26 मिशन का हिस्सा है. इस मिशन के जरिए फ्रांसीसी वायुसेना लंबी दूरी की तैनाती, अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के साथ संयुक्त ऑपरेशन और ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी का अभ्यास कर रही है.
भारत-फ्रांस की वायु सेनाएं करेंगी संयुक्त अभ्यास
तरंग शक्ति में फ्रांस की भागीदारी का मकसद दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना है. अभ्यास के दौरान भारतीय और फ्रांसीसी वायुसेना अलग-अलग एयर ऑपरेशंस और कॉम्बैट ड्रिल्स में हिस्सा लेंगी. फ्रांस भारत का रणनीतिक पार्टनर है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी उसकी अहम मौजूदगी है. ऐसे में इस अभ्यास में फ्रांसीसी वायुसेना की भागीदारी दोनों देशों के बीच बढ़ते डिफेंस कोऑपरेशन को दिखाती है.
क्या है एफ-35 की खासियत?
एफ-35 लाइटनिंग II अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसमें स्टील्थ क्षमता के साथ एडवांस सेंसर और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध के लिए आधुनिक सिस्टम मौजूद हैं. जोधपुर में एफ-35 की मौजूदगी भारत और अमेरिका की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन के लिहाज से भी अहम है. तरंग शक्ति 2026 में भारत के अलावा कई मित्र और पार्टनर देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं. अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों के फाइटर जेट और एयरक्राफ्ट के बीच संयुक्त एयर ऑपरेशंस और कॉम्बैट ड्रिल्स का अभ्यास किया जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

