नई दिल्ली. बैंकों में 5 डे वर्किंग को लेकर होने वाली तीन दिन की बैंक हड़ताल टल गई है. यानी 28, 29 और 30 सितंबर को होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल फिलहाल नहीं होगी.
इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच रविवार देर रात हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में छुट्टियों की मांग को लेकर कमेटी बनाने पर सहमति बनी है.
हड़ताल पर 90 प्रतिशत कर्मचारी शामिल होने थे
हड़ताल में देश की 7 बड़ी बैंक यूनियनें शामिल होनी थीं, जिनसे लगभग 90त्न से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं. इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं.
बैंकों में 5-डे वर्किंग पर सरकार पहले ही इनकार कर चुकी
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ठीक पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, सरकार ने कभी भी बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग का वादा नहीं किया था और सैलरी रिवीजन की बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई. वित्त मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि यह मांग कर्मचारी यूनियनों की तरफ से एकतरफा उठाई थी और दोनों पक्षों के बीच इस पर कोई सहमति नहीं बनी थी.
पीएलआई स्कीम को लेकर भी सरकार और यूनियंस आमने-सामने
हफ्ते में 5 दिन काम के अलावा बोनस (पीएलआई) के नियमों को लेकर भी विवाद चल रहा है. सरकार ने बड़े अधिकारियों जैसे स्केल-4 और उससे ऊपर के अफसरों के लिए बोनस का एक नया नियम लागू किया है. इसके तहत अच्छा काम करने वाले अफसरों को 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है. बैंक यूनियनें इस बात का भी विरोध कर रही हैं.
कैंसिल हुई हड़ताल की वजह रविवार को खोलने पड़े थे बैंक
बैंक हड़ताल को देर रात भले ही रद्द करने का फैसला लिया गया है. लेकिन इसकी वजह से वित्त मंत्रालय के निर्देश पर 10 साल बाद रविवार को आम लोगों के लिए बैंक खोलने पड़े थे. इससे पहले, 2016 में नोटबंदी के बाद 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खुले थे. तब पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने, जमा करने और कैश निकालने के लिए लोग बैंकों में लाइन में लगे थे. भीड़ संभालने के लिए सरकार ने रविवार को भी बैंक खोलने का फैसला लिया था.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

