CBSE 6वीं क्लास के मौजूदा बैच को भी थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट, 10वीं बोर्ड के लिये ये सुको का ये निर्देश

CBSE 6वीं क्लास के मौजूदा बैच को भी थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट, 10वीं बोर्ड के लिये ये सुको का ये निर्देश

प्रेषित समय :18:02:29 PM / Mon, Sep 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा अपडेट है. सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में क्लास 6वीं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को भी थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट मिलेगी. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को निर्देश दिए हैं. 
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में क्लास 6 के मौजूदा बैच को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट देने का निर्देश दिया है. यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने तब दिया, जब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वह क्लास 6 को छूट देने के पक्ष में नहीं है और लगभग 99 प्रतिशत सीबीएसई स्कूल इस पॉलिसी को लागू करने के लिए तैयार हैं.

6वीं के स्टूडेंट्स को नहीं देना होगा तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम

सीबीएसई ने इसी साल से अपने स्कूलों में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लागू किया है, जिसके तहत स्टूडेंट्स को तीन भाषाएं पढ़ाई जानी हैं. सीबीएसई ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से 7वीं, 8वीं, 9वीं और 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स को छूट दी है, जिसके तहत इन स्टूडेंट्स को 10वीं बोर्ड एग्जाम में तीन भाषाओं के एग्जाम नहीं देने हैं. सीबीएसई ने पूर्व में इससे क्लास 6वीं के स्टूडेंट्स को बाहर रखा था, जिसके तहत मौजूदा समय में क्लास 6वीं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को तीन भाषाएं पढऩी थी और वह 10वीं बोर्ड का एग्जाम देते. इस तरह अभी 6वी क्लास में पढ़ रहे स्टूडेंट्स, जब 10वीं में पहुंचते तो उनके लिए पहली बार थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत 10वीं बोर्ड एग्जाम होता.

इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में याचिका पर सुनवाई करते हुए स्टूडेंट्स के लिए बीच में ही नया भाषा फ्रेमवर्क लाने पर चिंता जताई थी. इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया था कि इसे 2027 से इसे धीरे-धीरे (सॉफ्ट लॉन्च) शुरू किया जाए. इसी कड़ी में ताजा फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अभी 6वीं क्लास में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को भी थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से छूट दी है. हालांकि वह तीन भाषाओं की पढ़ाई तो जारी रख सकेंगे, लेकिन उन्हें इस विषय में यानी तीन भाषाओं में क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी और न ही इस वजह से उन्हें अगली क्लास में जाने से रोका जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-