सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे असम के 4 मजदूरों की मेघालय में मौत, जहरीली गैस के रिसाव की आशंका

सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे असम के 4 मजदूरों की मेघालय में मौत, जहरीली गैस के रिसाव की आशंका

प्रेषित समय :14:04:02 PM / Mon, Sep 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

शिलांग. मेघालय के साउथ गारो हिल्स जिले के रंगदोकराम गांव में एक जमीन के नीचे बने सेप्टिक टैंक के अंदर काम करते समय, असम के चार निर्माण मजदूरों की संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. यह घटना रंगडोकराम गांव में सेबेस्टियन सीएच संगमा के घर पर हुई, जहां मजदूर एक नए बने सेप्टिक टैंक से जुड़े निर्माण कार्य में लगे हुए थे.

रिपोर्ट के अनुसार, दो मजदूरों ने जमीन के नीचे बने टैंक का ढक्कन खोलने की कोशिश की, लेकिन अंदर फंसी जहरीली गैसों के संपर्क में आते ही वे अचानक गिर पड़े. बताया जा रहा है कि दो अन्य मजदूर उनकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन वे भी जहरीली गैसों की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए.

पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारियों को सूचना दी गई और वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. हालांकि, मजदूरों को बचाना मुश्किल साबित हुआ क्योंकि सेप्टिक टैंक जमीन के नीचे था और पीडि़तों तक पहुंचना बहुत मुश्किल था. बचाव दलों को फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने के लिए ढांचे के चारों ओर की मिट्टी खोदनी पड़ी. ऑपरेशन के दौरान, दो फायरकर्मी भी गैसों के संपर्क में आने के बाद बेहोश हो गए. उन्हें तुरंत मेडिकल मदद दी गई.

बाद में चारों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया. मृतकों की पहचान मोफिदुर रहमान (34, मनकाचर के दियारा, पुरानदियारा से), अजियर रहमान (41, चेंगुरचर, पुरानदियारा से), इस्माइल हुसैन (20, चोमराशाली, कालापानी से) और रकीब हुसैन (22, बोआलिया, राधामाधव हाट से) के तौर पर हुई है. ये चारों असम के दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले के रहने वाले थे.

जांच से पता चलता है कि हवा के आने-जाने की सही व्यवस्था न होने या गैस निकलने के लिए सही जगह या सोक पिट न होने की वजह से बंद जगह के अंदर खतरनाक गैसें जमा हो गई होंगी. सेप्टिक टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी गैसें हो सकती हैं, और ज्यादा मात्रा में होने पर ये दोनों ही जानलेवा हो सकती हैं.
हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक गैस की सही प्रकृति या मौत के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है. इस दुखद घटना से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है. इस घटना ने बिना सही वेंटिलेशन, गैस का पता लगाने वाले उपकरणों और सुरक्षा उपायों के बंद जमीनी जगहों में जाने से जुड़े गंभीर खतरों को भी उजागर किया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-