बिजली कंपनी ने बढ़ाए बिजली के दाम, 500 यूनिट पर 14 रुपए का अतिरिक्त भार, ईंधन समायोजन शुल्क, FPPAS में भी बदलाव

बिजली कंपनी ने बढ़ाए बिजली के दाम, 500 यूनिट पर 14 रुपए का अतिरिक्त भार, ईंधन समायोजन शुल्क, FPPAS में भी बदलाव

प्रेषित समय :13:05:39 PM / Tue, Sep 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर के अंतिम सप्ताह से एक महीने तक बिजली बिल में अतिरिक्त राशि चुकानी होगी. विद्युत वितरण कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) की दर में बदलाव किया है. इसके तहत 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक एफपीपीएएस 4.59 प्रतिशत से बढ़कर 5.063 प्रतिशत रहेगा. यह शुल्क बिजली की मूल दर के बजाय केवल ऊर्जा शुल्क पर लगाया जाएगा.

इस बदलाव का असर प्रदेश के करीब 1 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. इनमें करीब 80 लाख उपभोक्ता अटल ज्योति योजना का लाभ लेते हैं. बिजली कंपनियों के मुताबिक, ईंधन और बिजली खरीदी की लागत में बदलाव के कारण एफपीपीएएस में वृद्धि की गई है. यह बिजली की मूल टैरिफ दर में स्थायी बढ़ोतरी नहीं है. इसकी दर की अगले महीने फिर समीक्षा की जाएगी.

मार्च में -0.63 प्रतिशत था, अब 5.06 प्रतिशत

बिजली विभाग के जानकार राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट के परिपत्र के अनुसार 24 सितंबर 2026 से जारी होने वाले बिजली बिल में ऊर्जा प्रभार के साथ 5.06त्न एफपीपीएएस लगेगा. उन्होंने बताया कि यह शुल्क ईंधन और बिजली खरीदी की लागत में घटने-बढऩे के आधार पर तय होता है. अग्रवाल के अनुसार मार्च में एफपीपीएएस की दर -0.63 प्रतिशत थी, जो बढ़ते-बढ़ते अब 5.06 प्रतिशत हो गई है. यह बदलाव 24 सितंबर से 23 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा.

पूरे बिल पर नहीं लगेगा सरचार्ज

एफपीपीएएस पूरे बिजली बिल की रकम पर नहीं लगाया जाएगा. यह केवल ऊर्जा शुल्क पर लगेगा. बिल में ऊर्जा शुल्क और एफपीपीएएस अलग-अलग दिखाई देंगे. इसके अलावा फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, लागू सब्सिडी और अन्य समायोजन भी बिल में शामिल होते हैं. इसलिए अंतिम बिल की राशि उपभोक्ता की श्रेणी और कुल खपत के अनुसार अलग हो सकती है. मसलन, 300 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क 1,576.50 बनता है. इस पर 5.063 प्रतिशत के हिसाब से एफपीपीएएस करीब 79.82 रुपये होगा. इसी तरह 500 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क 3,024.50 रुपये होने पर करीब 153.23 रुपये एफपीपीएएस जुड़ेगा.

क्या है एफपीपीएएस?

एफपीपीएएस यानी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज. बिजली कंपनियों को बिजली खरीद और ईंधन की लागत में होने वाले बदलाव की भरपाई के लिए यह शुल्क लगाया जाता है. इसकी दर समय-समय पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत बदल सकती है. वर्तमान बदलाव 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-