यूपी : संभल हिंसा मामले में सुको ने रद्द की मुल्ला अफरोज की हिरासत, सरकार पर ठोका 10 लाख रुपए जुर्माना

यूपी : संभल हिंसा मामले में सुको ने रद्द की मुल्ला अफरोज की हिरासत, सरकार पर ठोका 10 लाख रुपए जुर्माना

प्रेषित समय :12:52:12 PM / Tue, Sep 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी मुल्ला अफरोज की प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) को पूरी तरह रद्द कर दिया है. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना (हर्जाना) भी लगाया है. अदालत के इस फैसले से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.

केवल बाहरी कबूलनामे के आधार पर जेल में रखना गलत

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था दी कि प्रिवेंटिव डिटेंशन के लिए केवल एक्स्ट्रा-जुडिशियल कन्फेशन  (अदालत के बाहर दिया गया कथित कबूलनामा) ही एकमात्र आधार नहीं बन सकता. बेंच ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने से पहले हिरासत में लेने वाले सक्षम अधिकारी का यह कानूनी दायित्व बनता है कि वह मामले से जुड़ी अन्य परिस्थितियों और ठोस सबूतों का भी निष्पक्षता से मूल्यांकन करे.

अधिकारियों ने किया शक्तियों का दुरुपयोग

सर्वोच्च अदालत ने पाया कि मुल्ला अफरोज के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों ने आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और बिना अन्य ठोस परिस्थितियों की जांच किए मनमाने ढंग से हिरासत का आदेश जारी कर दिया. अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारियों ने अपनी कानूनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसी के चलते अदालत ने हिरासत आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए राज्य सरकार को 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश सुनाया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-