जबलपुर. एमपी के जबलपुर में साइबर ठगों ने कहर जारी है, शातिर अपराधियों ने पुलिस और सुरक्षा प्रणालियों को ठेंगा दिखाते हुए महज कुछ घंटों के भीतर दो अलग-अलग मामलों में दो युवकों के बैंक खातों से कुल 2 लाख 98 हजार से अधिक की रकम उड़ ली. इस सनसनीखेज वारदात से शहर में हड़कंप मच गया है और लोग अपने मोबाइल व बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर सहम उठे हैं.
बिना ओटीपी के खाते से गायब हुए 2 लाख 68 हजार-
गढ़ा के गुलौआ चौक निवासी 24 वर्षीय अतुल विश्वकर्मा, जो भेड़ाघाट में मूर्ति की दुकान चलाते हैं, के साथ एक बेहद चौंकाने वाली घटना घटी. 25 सितंबर की रात 12 बजे से 1 बजे के बीच, जब सो रहा था, तब उसके यूनियन बैंक और इंडियन बैंक के खातों पर शातिर साइबर ठगों ने धावा बोल दिया. अतुल के पास अचानक ताबड़तोड़ मैसेज आने लगे. यूनियन बैंक से चार बार में 90 हजार, 25 हजार, 49,998 और 51,968 रुपये, तो वहीं इंडियन बैंक के खाते से तीन बार में 4,997, 20 हजार और 26,997 रुपये कट चुके थे. हैरानी की बात यह है कि अतुल ने अपना कोई भी ओटीपी (ह्रञ्जक्क) किसी के साथ शेयर नहीं किया था. बिना एक भी ओटीपी के चंद मिनटों में कुल 2 लाख 68 हजार 960 रुपये गायब हो गए. पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
देखते ही देखते मोबाइल हुआ हैक, फोन-पे से उड़े 30 हजार
कुंडम रोड पिपरिया निवासी 25 वर्षीय अभिषेक महोबिया जब उमरिया पेट्रोल पंप पर था, तभी उसका मोबाइल अचानक अपने आप अपडेट होने लगा. फोन तीन-चार बार खुद-ब-खुद ऑटो-अपडेट हुआ और जब चालू हुआ, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. अभिषेक अपने मोबाइल में फोन-पे के जरिए अपने पिता गुलाब महोबिया का सेंट्रल बैंक खाता चलाता है. मोबाइल हैक होते ही पिता के खाते से यूपीआई के माध्यम से 30 हजार रुपये कटने का मैसेज आ गया. इस शातिर डिजिटल लूट से इलाके में दहशत फैल गई है. खमरिया पुलिस ने भी इस मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है.
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