जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित सिहोरा क्षेत्र में अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. यहाँ 100 से अधिक किसानों का लगभग 4 करोड़ रुपए का गेहूं और धान का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है. भुगतान समय पर न मिलने के कारण किसान आर्थिक तंगी और भारी परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं.
इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को सिहोरा के गांधी भवन में करणी सेना के बैनर तले एक विशेष बैठक आयोजित की गई. बैठक में पीडि़त किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि फसल बेचने के बाद भी उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल पाई है. किसानों के अनुसार, समय पर भुगतान न होने के कारण उन पर आर्थिक संकट गहरा गया है. इससे न केवल उनके घरों का गुजारा प्रभावित हो रहा है, बल्कि आगामी रबी या खरीफ फसल की बुवाई के लिए खाद, बीज और अन्य जरूरी कृषि संसाधनों की व्यवस्था करना भी उनके लिए असंभव सा होता जा रहा है. बच्चों की पढ़ाई और परिवार के अन्य जरूरी खर्चों के भुगतान में भी रुकावट आ रही है.
करणी सेना की चेतावनी-
किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए करणी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम दिया है. बैठक के दौरान हर्षित राजपूत, राजनंद राजपूत, अभिलाष राजपूत, रघुवीर राजपूत, सोनू राजपूत और आदित्य चौहान ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि संबंधित विभागों और प्रशासन ने जल्द से जल्द किसानों का अटका हुआ भुगतान नहीं किया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा. करणी सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर किसानों के खाते में राशि नहीं पहुँची, तो जबलपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा. इसके बावजूद यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.
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