विक्टोरिया अस्पताल में खत्म हुआ दैनिक ड्यूटी रोस्टर, अब रोज मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

विक्टोरिया अस्पताल में खत्म हुआ दैनिक ड्यूटी रोस्टर, अब रोज मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

प्रेषित समय :19:46:59 PM / Tue, Sep 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. विक्टोरिया अस्पताल में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दैनिक ड्यूटी रोस्टर व्यवस्था खत्म कर दी गई है. अब अस्पताल में पदस्थ सभी विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं देंगे. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. नई व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए इंतजार और परेशानी से बचाना है.

नई व्यवस्था के तहत चिकित्सकों की उपस्थिति को दो अलग-अलग समय अवधि में अनिवार्य किया गया है. विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक अस्पताल में उपस्थित रहना होगा. इसके अलावा शाम पांच बजे से छह बजे तक भी उनकी उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने या निर्धारित समय का पालन नहीं करने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल प्रशासन की ओर से इस व्यवस्था के जरिए डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी भी मजबूत करने की तैयारी है.

पहले रोस्टर के आधार पर लगती थी डॉक्टरों की ड्यूटी
विक्टोरिया अस्पताल में अब तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी दैनिक रोस्टर के आधार पर निर्धारित की जाती थी. अलग-अलग दिनों में अलग-अलग विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती थी. इस व्यवस्था के चलते कई बार अस्पताल में मरीजों को संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति का सामना करना पड़ता था.

मरीज किसी विशेष बीमारी या समस्या के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते थे, लेकिन संबंधित विशेषज्ञ की उस दिन ड्यूटी नहीं होने पर उन्हें दूसरे दिन आने या अन्य व्यवस्था करने की स्थिति बनती थी. इसके अलावा चिकित्सकों के देर से आने या निर्धारित समय से पहले अस्पताल से चले जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं.

नई व्यवस्था में दैनिक रोस्टर को समाप्त कर सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों की रोजाना उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है. इससे मरीजों को किसी विशेष विशेषज्ञ के लिए अलग दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

रोज उपलब्ध रहेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक
अस्पताल प्रशासन की नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अब किसी एक निर्धारित दिन तक सीमित नहीं रहेगी. सभी संबंधित चिकित्सकों को प्रतिदिन अस्पताल में उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं देना अनिवार्य होगा.

इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की सुविधा नियमित रूप से मिल सकेगी. गंभीर या जटिल बीमारी से जुड़े मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है. ऐसे मरीजों को यदि डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिलता है तो उन्हें उपचार में देरी के साथ दूसरी स्वास्थ्य संस्थाओं का रुख भी करना पड़ सकता है.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता से मरीजों को अधिक व्यवस्थित तरीके से चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी.

सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक अनिवार्य उपस्थिति
नई ड्यूटी व्यवस्था के अनुसार सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक अस्पताल में रहना होगा. यह अवधि अस्पताल की नियमित ओपीडी और मरीजों की जांच-परामर्श व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी.

इसके अलावा चिकित्सकों को शाम पांच बजे से छह बजे तक भी अस्पताल में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है. इस तरह दिन में दो निर्धारित समय अवधि में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है.

अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों को निर्धारित समय का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज कराना नहीं बल्कि ड्यूटी अवधि के दौरान मरीजों को नियमित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है.

बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई
नई व्यवस्था में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं. यदि कोई चिकित्सक बिना अनुमति अस्पताल से अनुपस्थित रहता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इससे पहले रोस्टर आधारित व्यवस्था में किसी दिन संबंधित विशेषज्ञ की ड्यूटी नहीं होने की स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता था. अब रोजाना उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बाद बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी.

अस्पताल प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों की उपस्थिति और ड्यूटी समय की निगरानी पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है. इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि निर्धारित समय में चिकित्सक अस्पताल में मौजूद हैं या नहीं.

निजी प्रैक्टिस की शिकायतों पर भी निगरानी
नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू ड्यूटी समय में निजी प्रैक्टिस से जुड़ी शिकायतों पर निगरानी मजबूत करना भी है. अस्पताल प्रशासन के सामने कई बार यह शिकायतें आती रही हैं कि कुछ चिकित्सक सरकारी ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस में व्यस्त रहते हैं.

दैनिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू होने से ड्यूटी के निर्धारित समय में चिकित्सकों की अस्पताल में मौजूदगी पर नजर रखी जा सकेगी. यदि किसी चिकित्सक के संबंध में ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस करने या अस्पताल से अनुपस्थित रहने की शिकायत आती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जा सकेगी.

इस व्यवस्था से अस्पताल में चिकित्सकों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी मजबूत हो सकती है. हालांकि निजी प्रैक्टिस से जुड़ी किसी विशिष्ट शिकायत या कार्रवाई का विवरण इस आदेश में सामने नहीं आया है.

मरीजों को विशेषज्ञ सुविधा के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार
अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है. खासकर ऐसे मरीज जिन्हें विशेषज्ञ परामर्श, जांच या उपचार की आवश्यकता होती है, उनके लिए डॉक्टर की अनुपलब्धता परेशानी का कारण बन सकती है.

रोस्टर व्यवस्था समाप्त होने के बाद अब मरीजों को संबंधित विशेषज्ञ के ड्यूटी वाले दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति से मरीज उसी दिन परामर्श और उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे.

इसके अलावा प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों की नियमित उपस्थिति से अस्पताल की सामान्य चिकित्सा सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है.

व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी के निर्देश पर नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. इसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों को निर्धारित समय में अस्पताल में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं.

अस्पताल प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराने की होगी. इसके लिए चिकित्सकों की उपस्थिति की नियमित निगरानी, मरीजों की शिकायतों पर ध्यान और ड्यूटी समय के पालन की जांच महत्वपूर्ण होगी.

यदि व्यवस्था का पालन प्रभावी तरीके से होता है तो इसका सीधा असर अस्पताल आने वाले मरीजों की सुविधा पर पड़ सकता है. वहीं अनुपस्थिति या ड्यूटी समय के उल्लंघन की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रावधान से चिकित्सकों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी.

विक्टोरिया अस्पताल में दैनिक ड्यूटी रोस्टर खत्म करने का फैसला फिलहाल तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है. अब विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों की रोजाना उपस्थिति, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं और नई व्यवस्था के पालन की निगरानी पर अस्पताल प्रशासन का फोकस रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-