जबलपुर. एमपी के जबलपुर में राजनीतिक सरगर्मी उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. विक्टोरिया टाउन हॉल से शुरू होकर घंटाघर तक एक आक्रोशित पैदल मार्च निकाला गया. इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीखे तेवर दिखाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके.
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना रहा. कांग्रेस नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि देश के लोकतंत्र में वोटों की चोरी और धांधली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की. इतना ही नहीं, उग्र प्रदर्शन के दौरान यह तक कहा गया कि यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए.
इसके अलावा, आयोग के शीर्ष नेतृत्व के इस्तीफे की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से पूर्व विधायक लखन घनघोरिया और संजय यादव ने सभा को संबोधित किया. उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष एजेंसी के रूप में कार्य करने में पूरी तरह असफल रहा है और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी पारदर्शिता का भारी अभाव है. नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस तानाशाही रवैये के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी, बल्कि 'सड़क से लेकर संसद तक' इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि आम जनता भी महंगाई, बेरोजगारी और चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी से त्रस्त होकर इस लड़ाई में कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ी है.
युवाओं का भी दिखा आक्रोश-
गौरतलब है कि मुख्य प्रदर्शन से महज एक दिन पहले ही युवक कांग्रेस ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव किया था और जोरदार प्रदर्शन किया था. लगातार दो दिनों से कांग्रेस के विभिन्न मोर्चों द्वारा किए जा रहे इन विरोध प्रदर्शनों से स्थानीय प्रशासनिक अमले और पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही. बहरहाल, जबलपुर में कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने आगामी राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और चुनावी पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है.
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