जबलपुर. संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या की जांच सात दिन बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. पुलिस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है. घटना के बाद अब जबलपुर से उनके स्वजन को एक बार फिर बुलाया गया है. पुलिस शिष्यों के समूहों की अगुवाई करने वाले लोगों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि दीपक के अंतिम दिनों की गतिविधियों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.
दो वर्ष पहले वृंदावन आए थे दीपक
मूल रूप से जबलपुर की नर्मदा बस्ती निवासी दीपक करीब दो वर्ष पहले वृंदावन आए थे. यहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी. दीक्षा के बाद उन्हें रसिक दुलारी शरण नाम मिला. इसके बाद वह श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के नजदीक स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में रह रहे थे. बताया गया है कि वह वहां युगल नेही शरण के साथ रहते थे.
25 सितंबर की सुबह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने की घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए मौके से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की जांच की.
सीसीटीवी से आत्महत्या की पुष्टि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की जांच में दीपक के अपार्टमेंट से कूदने की पुष्टि हुई है. हालांकि घटना से पहले की परिस्थितियां और आत्महत्या के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. इसी कारण पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले दीपक ने खुद को गंभीर रूप से घायल किया था. इस पहलू को लेकर भी पुलिस अलग-अलग संभावनाओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी.
स्वजन ने दो साल से संपर्क नहीं होने की कही थी बात
घटना के बाद दीपक के स्वजन ने पुलिस के सामने यह बात रखी थी कि पिछले करीब दो वर्षों से उनसे नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा था. इसी बिंदु को पुलिस अब नए सिरे से जांच में शामिल कर रही है. परिवार के सदस्यों से दोबारा जानकारी लेकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दीपक के वृंदावन आने के बाद उनके सामाजिक और व्यक्तिगत संपर्क किस तरह के रहे.
शिष्यों के समूहों की भी होगी पड़ताल
पुलिस अब उन लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है जो संत के शिष्यों के विभिन्न समूहों की अगुवाई या समन्वय करते थे. जांच अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दीपक किन लोगों के संपर्क में थे, उनकी दिनचर्या कैसी थी और घटना से पहले उनके व्यवहार या गतिविधियों में कोई बदलाव आया था या नहीं.
पुलिस जुटा रही हर पहलू की जानकारी
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार मामले की गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों से मिली जानकारी का मिलान कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है. फिलहाल मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है.

