संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत: 9 दिन बाद भी अनसुलझी है गुत्थी, 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत: 9 दिन बाद भी अनसुलझी है गुत्थी, 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

प्रेषित समय :18:44:39 PM / Sat, Oct 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर के रहने वाले और संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मथुरा में हुई संदिग्ध मौत का मामला नौ दिन बीत जाने के बाद भी पूरी तरह उलझा हुआ है. पुलिस की पांच विशेष टीमें लगातार इस घटना की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं. अब तक इस मामले में 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि उन्होंने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया.

यह घटना 25 सितंबर की सुबह करीब साढ़े दस बजे की है. मथुरा के गुरु कृपा कुंज आश्रम के सामने रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी छोटू ने बताया कि उस समय वह घर पर खाना खा रहा था. अचानक बाहर एक तेज धड़ाम की आवाज सुनाई दी. जब वह दौड़कर बाहर आया, तो उसने देखा कि जमीन पर एक साधु गंभीर हालत में पड़े हैं और उनके सिर से खून बह रहा था. छोटू के मुताबिक, इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, आश्रम से जुड़े कुछ लोग वहां तुरंत पहुंच गए. करीब पांच लोग घायल साधु को एक निजी गाड़ी में बैठाकर तुरंत अस्पताल ले गए. प्रत्यक्षदर्शी का यह भी कहना है कि साधु उस समय जीवित थे या नहीं, यह वह स्पष्ट रूप से नहीं बता सका, क्योंकि मौके पर मौजूद शिष्यों ने उसे पास नहीं जाने दिया.

अस्पताल में दो घंटे चला संघर्ष

घटना के बाद रसिक दुलारी शरण को मथुरा में गोकुल रेस्टोरेंट के पास स्थित सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उनकी गंभीर चोटों का इलाज शुरू किया और टांके लगाए. इस दौरान उनके शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था. डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक साधु की हालत बेहद गंभीर थी और वह पुलिस को बयान देने की स्थिति में नहीं थे. इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया.

जांच में जुटी पुलिस की पांच टीमें

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि रसिक दुलारी शरण ने कथित तौर पर चौथी मंजिल से कूदकर जान दी थी, लेकिन इसके पीछे की असली वजह अभी भी एक पहेली बनी हुई है. इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मथुरा पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं. वृंदावन थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी अपने स्तर से हर मुमकिन सबूत जुटा रही है. पुलिस आश्रम के सीसीटीवी फुटेज, घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों और रसिक दुलारी शरण के संपर्क में रहे पुराने साथियों से लगातार कडिय़ां जोडऩे का प्रयास कर रही है, ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-