डिजिटल रूप से सक्षम बनाना भी साक्षरता का अहम हिस्सा: रमेश पुष्करणा

डिजिटल रूप से सक्षम बनाना भी साक्षरता का अहम हिस्सा: रमेश पुष्करणा

प्रेषित समय :19:53:46 PM / Sat, Oct 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जयपुर/प्रतापगढ़. नवभारत साक्षरता अभियान के तहत अब केवल पढ़ना-लिखना और संख्यात्मक ज्ञान ही नहीं, बल्कि लोगों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. निदेशालय साक्षरता एवं सतत शिक्षा, राजस्थान के कार्यक्रम अधिकारी रमेश पुष्करणा ने कहा कि वर्तमान दौर में डिजिटल जागरूकता हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गई है. ऐसे में साक्षरता का उद्देश्य लोगों को इस स्तर तक सक्षम बनाना होना चाहिए कि वे अपने दैनिक और आवश्यक कार्य स्वयं कर सकें.

15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अभियान से जोड़ने पर जोर
प्रतापगढ़ स्थित साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान साक्षरता प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पुष्करणा ने कहा कि नवभारत साक्षरता अभियान 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों के लिए संचालित किया जा रहा है, जो किसी कारणवश अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं कर सके. अभियान के माध्यम से ऐसे लोगों को बुनियादी साक्षरता के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप उपयोगी कौशल देने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम आज रोजमर्रा के कई कामों का हिस्सा बन चुके हैं. इसलिए पात्र लोगों को अभियान से जोड़कर उन्हें डिजिटल कार्यों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है. उन्होंने संबंधित प्रतिनिधियों से अभियान के दायरे में आने वाले लोगों तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें इससे जोड़ने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने को कहा.

साक्षरता अभियान में बदल रही कार्यप्रणाली
पुष्करणा ने कहा कि नवभारत साक्षरता अभियान के पिछले वर्षों के अनुभवों से इसकी कार्यप्रणाली में बदलाव आया है. बड़ी संख्या में लर्नर्स के पंजीकरण और उनकी भागीदारी से अभियान की व्यवस्थाओं में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मूल्यांकन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लर्नर्स को आगे की शिक्षा के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है.

मूल्यांकन के बाद आगे पढ़ाई का रास्ता
उन्होंने बताया कि नवभारत साक्षरता के माध्यम से मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले लर्नर्स ओपन बोर्ड के माध्यम से 10वीं कक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं. महिलाओं को निर्धारित शुल्क में मिलने वाली छूट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र लर्नर्स को इस अवसर की जानकारी देकर उन्हें आगे शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.

FLNAT परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान रमेश पुष्करणा ने आगामी FLNAT परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने मूल्यांकन में शामिल होने वाले लर्नर्स की शॉर्टलिस्टिंग, मूल्यांकन केंद्रों के निर्धारण और परीक्षा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया.

दक्षिण राजस्थान के चार जिलों की जिम्मेदारी
जिला साक्षरता एवं सतत अधिकारी ऋषिकेश पालीवाल ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के सर्वे कार्य की प्रगति, मूल्यांकन की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम की जानकारी सहायक परियोजना अधिकारी अरविंद शर्मा ने दी.

निरीक्षण के दौरान नवभारत साक्षरता अभियान से जुड़े प्रतिनिधि, ब्लॉक प्रतिनिधि और सहयोगी स्वैच्छिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे. प्रतापगढ़ पहुंचने पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता रमेश पुष्करणा का शैक्षिक संगठनों, साक्षरता प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने स्वागत किया.

पुष्करणा को निदेशालय साक्षरता एवं सतत शिक्षा, राजस्थान की ओर से चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों का प्रभार सौंपा गया है. इन जिलों में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति और आगामी मूल्यांकन से जुड़ी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-