जयपुर. राजस्थान में नवभारत साक्षरता मूल्यांकन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. रविवार को प्रस्तावित मूल्यांकन को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से कराने के लिए विभागीय स्तर पर जिलों की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है. अधिकारियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में मूल्यांकन केंद्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं.
मूल्यांकन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए मुन्नालाल तोडीवाल, मुख्य लेखाधिकारी को बीकानेर की जिम्मेदारी दी गई है. योगेश उपाध्याय, सहायक निदेशक को करौली और धौलपुर, जबकि बृजेश कुमार, सहायक निदेशक को टोंक और जयपुर का प्रभार सौंपा गया है. इसी तरह ग्यारसीलाल यादव, सतत् शिक्षा कार्यक्रम अधिकारी को अजमेर और भीलवाड़ा, साधुराम गुर्जर को अलवर और बूंदी तथा हुकम चन्द मीणा को सवाईमाधोपुर और चूरू की जिम्मेदारी दी गई है.
रमेश चन्द्र पुष्करणा को बांसवाड़ा और डूंगरपुर, आशीष गोस्वामी को दौसा और भरतपुर तथा श्रीमती रूचि दुबे को सीकर और झुंझुनूं जिलों की व्यवस्थाओं के निरीक्षण का दायित्व दिया गया है. अधिकारियों का फोकस मूल्यांकन केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों, अभ्यर्थियों की उपस्थिति और प्रश्नोत्तर पुस्तिकाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने पर रहेगा.
पहले चरण में लक्ष्य के अनुसार हुई शॉर्टलिस्टिंग
विभाग की ओर से मूल्यांकन की तैयारियों के तहत इससे पहले जिला प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों में लर्नर्स के चिन्हीकरण और शॉर्टलिस्टिंग का काम पूरा कराया. निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संभावित मूल्यांकनार्थियों की सूची तैयार करने के साथ संबंधित जिलों में लगातार मॉनिटरिंग की गई.
अजमेर और दौसा में रवीन्द्र कुमार लाटा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक में योगेश उपाध्याय तथा अलवर, भरतपुर और जयपुर में बृजेश कुमार ने जिम्मेदारी संभाली. भीलवाड़ा, झुंझुनूं, नागौर और सीकर में ग्यारसी लाल यादव ने निगरानी की. पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में श्रीमती रूचि दुबे, जबकि बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हुकम चन्द मीणा ने व्यवस्थाओं को गति दी.
कई जिलों में व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा
बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा में साधुराम गुर्जर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में रमेश चन्द पुष्करणा तथा बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर और जोधपुर में आशीष गोस्वामी ने मॉनिटरिंग की. जिला स्तर पर हुई इस निगरानी का उद्देश्य निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के साथ मूल्यांकन से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी न रहने देना रहा.
मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंची सामग्री
बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ के प्रभारी एवं निदेशालय के कार्यक्रम अधिकारी रमेश पुष्करणा ने बताया कि इन जिलों में नवभारत साक्षरता मूल्यांकन से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. लक्ष्य के अनुरूप लर्नर्स का चिन्हीकरण और शॉर्टलिस्टिंग पूरी हो चुकी है.
उन्होंने बताया कि रविवार को होने वाले मूल्यांकन के लिए प्रश्नोत्तर पुस्तिकाओं को संबंधित मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचा दिया गया है. केंद्र स्तर पर भी जरूरी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. विभागीय अधिकारियों की निगरानी के बीच अब मुख्य चुनौती निर्धारित समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

