जबलपुर. जनविश्वास अभियान के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने शनिवार को शहपुरा विकासखंड के तीन सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय हाई स्कूल पावला, शासकीय हाई स्कूल सुंदरादेही और पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमान पहुंचकर स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर पढ़ाई, पाठ्यक्रम और उनके भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली।
बच्चों से पूछा पढ़ाई का हाल और भविष्य का लक्ष्य
प्रमुख सचिव ने विद्यार्थियों से उनकी नियमित पढ़ाई, कक्षाओं में होने वाले अध्यापन और पाठ्यक्रम की प्रगति को लेकर संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनके भविष्य के लक्ष्य भी जाने और विकसित भारत की संकल्पना को लेकर चर्चा की।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद के दौरान स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण और योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभ की स्थिति समझने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने भी स्कूलों की व्यवस्थाओं और विभागीय योजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रमुख सचिव के समक्ष रखी।
शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए संस्था प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने और शत-प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति का सीधा संबंध उनके सीखने और शैक्षणिक प्रदर्शन से है। इसलिए अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की जानकारी लेकर उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए।
समय पर पूरा करना होगा पूरा पाठ्यक्रम
प्रमुख सचिव ने शिक्षकों को निर्धारित शैक्षणिक कार्ययोजना के अनुसार अध्यापन कराने के निर्देश दिए। सभी विषयों की कक्षाएं तय समय-सारणी के अनुसार संचालित करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी विषय का अध्यापन प्रभावित न हो।
उन्होंने शिक्षकों को प्रतिदिन की शैक्षणिक गतिविधियों का विवरण डायरी में दर्ज करने की व्यवस्था का पालन करने को कहा। साथ ही बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय सीमा में पूरा पाठ्यक्रम समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
परीक्षा परिणाम और बुनियादी ज्ञान सुधारने पर फोकस
निरीक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति और परीक्षा की तैयारियों को मजबूत करना भी रहा। अधिकारियों से कहा गया कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा होने के साथ विद्यार्थियों के बुनियादी ज्ञान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रमुख सचिव ने स्कूलों में अनुशासन, नियमित अध्यापन और विद्यार्थियों की भागीदारी को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्था प्रमुखों से शैक्षणिक कार्ययोजना के अनुसार लगातार निगरानी करने की अपेक्षा की।
शिक्षा अधिकारियों की टीम रही मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे, जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को स्कूलों में संचालित गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं के आधार पर संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विभाग का फोकस अब नियमित उपस्थिति, समयबद्ध पाठ्यक्रम, कक्षा संचालन और परीक्षा परिणाम में सुधार पर रहेगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

