एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ी. सुप्रीम कोर्ट के बाद अब एमपी की अदालत में पेश होंगे, ये है मामला

एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ी. सुप्रीम कोर्ट के बाद अब एमपी की अदालत में पेश होंगे, ये है मामला

प्रेषित समय :17:07:20 PM / Wed, Oct 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. हास्य फिल्मी कलाकार राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक करोड़ 15 लाख रुपए का ड्राफ्ट तो जमा कर दिया. अब बाकी के 85 लाख वे 13 अक्टूबर को जमा कराएंगे. इधर, 13 अक्टूबर को ही राजपाल को मध्यप्रदेश की अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं. उनके खिलाफ वारंट भी जारी हुआ है. एक फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू ने 25 लाख रुपए राजपाल को दिए थे, जिसे लौटाने के लिए राजपाल यादव ने पोस्ट डेटेड चैक दिए थे जो बाउंस हो गए थे.

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को पेश होकर एक करोड़ पंद्रह लाख रुपए जमा करने के बाद अब उनके सामने मध्यप्रदेश के महू सिविल कोर्ट में भी पेश होने को लेकर संशय की स्थिति है. क्योंकि कोर्ट ने उन्हें 13 अक्टूबर को महू की अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने उन्हें पेश होने के लिए जमानती वारंट भी जारी कर रखा है. महू के रहने वाले फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू की ओर से लगाए गए प्रकरण में सुनवाई करते हुए पंचम व्यवहार न्यायाधीश फरहान मसूद कुरैशी ने मुंबई के लोखंडवाला के रुनवाल हाइट्स में रहने वाले राजपाल पुत्र नौरंग यादव के खिलाफ वारंट जारी कर संबंधित थाने को जरूरी कार्रवाई के लिए लिखा है. इसके बाद निश्चित ही राजपाल यादव की दिक्कतें बढऩे वाली हैं.

प्रकाश जाजू ने लगाया है केस

इस मामले में कोर्ट में केस करने वाले प्रकाश जाजू की ओर से अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल पैरवी कर रहे हैं. उनके मुताबिक प्रकाश जाजू पिछले 40 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और फिल्मों के बड़े फाइनेंसर भी हैं. उनकी फर्म निर्मला जानकी सिनेमा के नाम से है. जाजू ने राजपाल को 25 लाख रुपए दिए थे. इस लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों में एग्रीमेंट भी हुआ था. रकम की वापसी के लिए राजपाल की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए थे. कोर्ट ने राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक कोर्ट में प्रस्तुत होने के निर्देश दिए हैं.

क्या 13 अक्टूबर को पेश होंगे राजपाल

मुंबई निवासी राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट में 13 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में बाकी की रकम जमा करना होगा, अन्यथा उन्हें जेल भेज दिया जाएगा. इसी तारीख को इंदौर जिले की महू सिविल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसी स्थिति में एक साथ दो अदालतों में पेशियों पर पहुंचना उनका मुश्किल लगता है. कानूनी जानकार कहते हैं कि वे किसी एक अदालत में छूट के लिए वकील के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-