UN में भारत का पाकिस्तान पर तीखा पलटवार, आतंकवाद को लेकर उठाए सवाल; मसूद अजहर का भी जिक्र

UN में भारत का पाकिस्तान पर तीखा पलटवार, आतंकवाद को लेकर उठाए सवाल; मसूद अजहर का भी जिक्र

प्रेषित समय :15:05:12 PM / Thu, Oct 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली. संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में भारत ने पाकिस्तान के उस रुख पर सवाल उठाए, जिसमें वह खुद को आतंकवाद से प्रभावित देश और उसके खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर खड़ा बताता है.

भारत की ओर से फर्स्ट सेक्रेटरी रघू पुरी ने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भारत के अनुसार जिन आतंकी नेटवर्क को पाकिस्तान ने कथित तौर पर समर्थन दिया, उनमें से कुछ अब पाकिस्तान के भीतर ही सुरक्षा चुनौती बन चुके हैं. 

भारत ने ‘फ्रेंकस्टीन’ का दिया उदाहरण

पाकिस्तान के खिलाफ अपने जवाब में रघू पुरी ने ‘फ्रेंकस्टीन मॉन्स्टर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि आतंकवादी नेटवर्क को बढ़ावा देने की नीति का असर अब पाकिस्तान को भी झेलना पड़ रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से मुकाबला केवल बयानों या दावों से नहीं किया जा सकता. भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से आतंकवादियों के साथ-साथ उनके आयोजकों, वित्तपोषकों और मददगारों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया. 

पाकिस्तान के नेताओं के बयानों का भी हवाला

भारत ने अपने तर्क के समर्थन में पाकिस्तान के भीतर से सामने आए कुछ बयानों का उल्लेख किया. पुरी ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अपने प्रांत के लिए आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा किया था.

इसके अलावा भारत ने 2018 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के उस इंटरव्यू का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों और सीमा पार हमलों को लेकर सवाल उठाए थे. 

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी जवाब

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के परिणामों को लेकर पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों पर भी प्रतिक्रिया दी. पुरी ने पाकिस्तान के उस नैरेटिव को खारिज किया जिसमें वह सैन्य कार्रवाई के परिणामों को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश करता है.

भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चलाया गया नैरेटिव गलत सूचना और मनोवैज्ञानिक अभियान का हिस्सा है. ये टिप्पणियां भारत की ओर से की गईं और पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से देखता है. 

पहलगाम हमले का मुद्दा भी उठा

भारतीय प्रतिनिधि ने अपने संबोधन में पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हमले में पीड़ितों की पहचान को लेकर आतंकवादियों के व्यवहार ने धार्मिक आधार पर निशाना बनाए जाने का सवाल खड़ा किया.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में यह तर्क रखा कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में किसी भी तरह के भेदभाव के बिना कार्रवाई की जानी चाहिए. 

मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान से सवाल

भारत ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का मुद्दा भी उठाया. पुरी ने पाकिस्तान की ओर से उसके बारे में दी जा रही जानकारी पर सवाल खड़े किए.

उन्होंने कहा कि यदि मीडिया मसूद अजहर तक पहुंचकर उससे ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रतिक्रिया ले सकता है, तो यह सवाल उठता है कि पाकिस्तान के पास उसके ठिकाने को लेकर कितनी जानकारी है. भारत ने इस मुद्दे को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की विश्वसनीयता से जोड़कर पेश किया. 

भारत-पाकिस्तान के बीच फिर बढ़ी कूटनीतिक बयानबाजी

यह पूरा विवाद पाकिस्तान के उप स्थायी प्रतिनिधि उस्मान जादून की ओर से भारत के खिलाफ की गई टिप्पणी के जवाब में भारत के ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ के दौरान सामने आया.

छठी समिति संयुक्त राष्ट्र महासभा की वह समिति है, जहां कानूनी और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है. मौजूदा बैठक में आतंकवाद और उसके समर्थन से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे. 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-