जबलपुर. जिगर के टुकड़ों की अर्थी उठने का दर्द क्या होता है, यह कोई पुन्नू बर्मन से पूछे. जबलपुर की सड़कों पर दौड़ते मौत के इन पहियों ने खुशियों से भरे एक परिवार को पल भर में उजाड़ दिया. यह कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि शहर में लगातार बढ़ती तेज रफ्तार और लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मंजर है, जिसने हर किसी की रूह को कंपा कर रख दिया है.
पहली घटना-
पुलिस के अनुसार नितिन बर्मन उम्र 11 वर्ष अपनी मां से कहकर घर से निकला था कि वह गढ़ा फाटक स्थित मूर्तिकार के पास काली जी की प्रतिमा लेने जा रहा है. उसके साथ उसका दोस्त साहिल भी था. रात करीब 3 बजे नितिन और साहिल हवाबाग कॉलेज के सामने भयानक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए हैं. घायलों को तुरंत मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया. जहां पर इलाज के दौरान पहले सुबह 6 बजे 18 वर्षीय साहिल ने दम तोड़ दिया, और ठीक कुछ ही घंटों बाद सुबह 10 बजे नितिन बर्मन (17 वर्ष) की भी सांसें थम गईं.
जब पिता पुन्नू बर्मन ने अस्पताल पहुंचकर अपने जवान बेटे और उसके दोस्त के शव को देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. एक ही झटके में दो हंसते-खेलते घरों के चिराग बुझ गए. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं.
दूसरी घटना-
अंधमूक बायपास ओवरब्रिज डाउन कटनी रोड सर्विस लाइन पर एक अज्ञात और तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण टक्कर में बाइक चला रहे रिश्तेदार रामसेवक तिवारी उम्र 65 वर्ष, निवासी ग्राम सगोड़ी, तहसील मझौली, सिहोरा का सिर और चेहरा पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया, और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई. उनके हाथों में गंभीर चोटें आईं और उनकी मोटरसाइकिल के भी परखच्चे उड़ गए. पुलिस ने इस मामले में धारा 106(1) बीएनएस के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर अज्ञात वाहन की तलाश तेज कर दी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

