इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रॉपर्टी विवाद का निपटारा कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने का मामला सामने आया है. शिकायतकर्ताओं राहुल यादव और विनोद सरेल ने गैंगस्टर सतीश पंवार उर्फ भाऊ और उसके कथित साथियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. शिकायत के साथ बैंक और UPI से किए गए लेन-देन के दस्तावेज भी सौंपे गए हैं. फिलहाल पुलिस आवेदन की जांच कर रही है.
सतीश भाऊ समेत तीन लोगों के नाम शिकायत
शिकायतकर्ताओं ने सतीश पंवार उर्फ भाऊ के अलावा रोहित बनासिया उर्फ सैनी और रवि चिकलीश के नाम भी लिए हैं. आरोप है कि प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद को खत्म कराने के लिए सतीश भाऊ के नाम पर रकम देने का दबाव बनाया गया. इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से भुगतान किया गया.
शिकायत में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, कुल 3,29,998 रुपये के ऑनलाइन लेन-देन का रिकॉर्ड होने की बात कही गई है. भुगतान में UPI और NEFT ट्रांसफर शामिल बताए गए हैं.
जुलाई 2025 में कई बार किए गए भुगतान
शिकायत के साथ दिए गए विवरण के मुताबिक, 19 जुलाई 2025 को रोहित बनासिया के नाम पर 99,999 रुपये का UPI भुगतान किया गया. इसी दिन 49 हजार और एक हजार रुपये के NEFT ट्रांजैक्शन का भी उल्लेख है.
इसके बाद 20 जुलाई को 1,49,999 रुपये का NEFT ट्रांसफर और 23 जुलाई को 30 हजार रुपये का एक अन्य UPI भुगतान दर्ज होने की बात कही गई है. शिकायतकर्ताओं ने इन लेन-देन को प्रॉपर्टी विवाद के निपटारे से जुड़ा बताया है.
मकान और जमीन के लिए रकम देने का दावा
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि एक मकान से जुड़े मामले में कुल आठ लाख रुपये दिए गए थे. उनके अनुसार, इसमें लगभग 3.30 लाख रुपये ऑनलाइन और पांच लाख रुपये नकद शामिल थे. इसके अलावा जमीन के संबंध में छह लाख रुपये नकद देने का भी दावा किया गया है.
आरोप है कि रकम देने के बावजूद प्रॉपर्टी विवाद का समाधान नहीं हुआ. जब शिकायतकर्ताओं ने अपने पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया गया और रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया.
पुलिस ने क्या कहा?
डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, सतीश पंवार के खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस को प्राप्त आवेदन के आधार पर संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है. जांच के बाद तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल मामले में शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जानी बाकी है. पुलिस की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

