आज का दिन 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार मां चंद्रघंटा की आराधना, नवरात्र का तीसरा दिन और आज का पंचांग

आज का दिन 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार मां चंद्रघंटा की आराधना, नवरात्र का तीसरा दिन और आज का पंचांग

प्रेषित समय :19:32:55 PM / Mon, Oct 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर, व्हाट्सएप- 6367472963

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन मनाया जाएगा. आश्विन शुक्ल तृतीया के अवसर पर मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाएगी. धार्मिक मान्यताओं में मां चंद्रघंटा को साहस, पराक्रम, शांति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है. उनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है.

नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार मां की पूजा, मंत्र-जप, दुर्गा पाठ और आरती करते हैं. इस दिन का संदेश साहस के साथ विवेक, आत्मविश्वास के साथ संयम और शक्ति के साथ करुणा बनाए रखने से जुड़ा है.

मां चंद्रघंटा की पूजा का धार्मिक महत्व

मां चंद्रघंटा को मां दुर्गा का योद्धा स्वरूप माना जाता है. धार्मिक चित्रण में वे सिंह पर विराजमान दिखाई देती हैं और उनके अनेक हाथों में अस्त्र-शस्त्र तथा अन्य प्रतीक दर्शाए जाते हैं. यह स्वरूप अन्याय का सामना करने, भय पर नियंत्रण रखने और धर्म के मार्ग पर दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है.

नवरात्र के तीसरे दिन पूजा स्थल की स्वच्छता, दीप प्रज्वलन, मंत्र-जप और आरती को महत्व दिया जाता है. श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार फल, पुष्प तथा सात्त्विक भोग अर्पित कर सकते हैं. पूजा का उद्देश्य केवल अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में धैर्य, साहस और सकारात्मकता को स्थान देना भी है.

आज के रंग का महत्व

नवरात्र में प्रत्येक दिन के लिए अलग रंग अपनाने की परंपरा कई स्थानों पर प्रचलित है. रंगों की सूची क्षेत्र, पंचांग और परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है. इसलिए 13 अक्टूबर के लिए किसी एक रंग को सार्वभौमिक रूप से अनिवार्य मानने के बजाय अपने स्थानीय धार्मिक कैलेंडर या पारिवारिक परंपरा की पुष्टि करना उचित है.

मां चंद्रघंटा की पूजा के अवसर पर लाल, सुनहरे या पीले रंग के परिधान कई लोग पसंद करते हैं. लाल रंग को शक्ति और उत्साह, सुनहरे रंग को शुभता तथा पीले रंग को प्रसन्नता और ऊर्जा से जोड़ा जाता है. ये रंग धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक हैं; पूजा में वस्त्रों का चयन श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार कर सकते हैं.

आज का पंचांग

13 अक्टूबर 2026 के पंचांग के अनुसार दिन मंगलवार और तिथि आश्विन शुक्ल तृतीया है. नई दिल्ली के समय के आधार पर पंचांग का विवरण इस प्रकार है.

दिन: मंगलवार

  • मास: आश्विन

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • तिथि: तृतीया, रात लगभग 11:28 बजे तक; इसके बाद चतुर्थी

  • नक्षत्र: विशाखा, रात लगभग 1:42 बजे तक (14 अक्टूबर); इसके बाद अनुराधा

  • योग: प्रीति, रात लगभग 8:23 बजे तक; इसके बाद आयुष्मान

  • करण: तैतिल, सुबह लगभग 10:46 बजे तक; इसके बाद गर

  • सूर्योदय: सुबह लगभग 6:20 बजे

  • सूर्यास्त: शाम लगभग 5:53 बजे

  • चंद्रोदय: सुबह लगभग 8:46 बजे

  • चंद्रास्त: शाम लगभग 7:18 बजे

  • चंद्र राशि: तुला

  • सूर्य राशि: कन्या

ये समय नई दिल्ली के संदर्भ में हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और उनसे संबंधित मुहूर्त बदल सकते हैं.

ग्रह गोचर और ज्योतिषीय संदर्भ

13 अक्टूबर के पंचांग में सूर्य कन्या राशि और चंद्रमा तुला राशि में बताया गया है. चंद्रमा का विशाखा नक्षत्र में संचार रहेगा और रात में नक्षत्र परिवर्तन होगा.

पारंपरिक ज्योतिष में तुला राशि को संतुलन, सामंजस्य, साझेदारी और संवाद से जोड़ा जाता है. इस आधार पर दिन को रिश्तों में संतुलन बनाए रखने, बातचीत में संयम रखने और किसी विषय पर निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को समझने की प्रेरणा के रूप में देखा जा सकता है.

ज्योतिषीय मान्यताएं आस्था और पारंपरिक व्याख्या का हिस्सा हैं. ग्रहों की स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत घटनाओं या भविष्य के परिणामों की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती.

शुभ और अशुभ समय

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, मंगलवार 13 अक्टूबर के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं.

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 से 5:30 बजे तक

  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर लगभग 2:02 से 2:49 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम लगभग 5:30 से 6:18 बजे तक

  • राहुकाल: दोपहर 3:00 से 4:27 बजे तक

  • यमगण्ड: सुबह 9:13 से 10:40 बजे तक

  • गुलिक काल: दोपहर 12:07 से 1:33 बजे तक

परंपरागत मान्यता में ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, जप और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए अनुकूल माना जाता है. अभिजित मुहूर्त को भी कई परंपराओं में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त समझा जाता है. वहीं, राहुकाल और यमगण्ड के दौरान कुछ लोग नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचते हैं.

किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय तय करना उचित है.

मंगलवार का चौघड़िया

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ समय खंडों में बांटने की पारंपरिक पद्धति है. नई दिल्ली के सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर दिन का चौघड़िया इस प्रकार है.

दिन का चौघड़िया

  • रोग: सुबह 6:20 से 7:47 बजे तक

  • उद्वेग: सुबह 7:47 से 9:13 बजे तक

  • चर: सुबह 9:13 से 10:40 बजे तक

  • लाभ: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक

  • अमृत: दोपहर 12:07 से 1:33 बजे तक

  • काल: दोपहर 1:33 से 3:00 बजे तक

  • शुभ: दोपहर 3:00 से 4:27 बजे तक

  • रोग: शाम 4:27 से 5:53 बजे तक

रात का चौघड़िया

  • काल: शाम 5:53 से 7:27 बजे तक

  • लाभ: शाम 7:27 से 9:00 बजे तक

  • उद्वेग: रात 9:00 से 10:34 बजे तक

  • शुभ: रात 10:34 बजे से 12:07 बजे तक

  • अमृत: रात 12:07 से 1:40 बजे तक

  • चर: रात 1:40 से 3:14 बजे तक

  • रोग: रात 3:14 से 4:47 बजे तक

  • काल: सुबह 4:47 से 6:21 बजे तक

चौघड़िया के नाम और समय पारंपरिक गणना पर आधारित हैं. इसे निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं समझना चाहिए. घटस्थापना या विशेष पूजा के लिए संबंधित तिथि और स्थानीय मुहूर्त को प्राथमिकता दें.

आज का आध्यात्मिक संदेश

मां चंद्रघंटा की आराधना का दिन साहस, आत्मविश्वास और विवेक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. जीवन में चुनौतियां आने पर धैर्य बनाए रखना, कठिन परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेना और दूसरों के प्रति करुणा रखना इस दिन के संदेश से जुड़ा है.

नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालु मां की पूजा के साथ अपने भीतर के भय, असमंजस और नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण पाने का संकल्प ले सकते हैं. धार्मिक साधना के साथ सत्य, अनुशासन और सद्भाव को व्यवहार में अपनाना भी इस पर्व को सार्थक बनाता है.

नोट: पंचांग के समय नई दिल्ली के आधार पर दिए गए हैं. स्थानीय सूर्योदय और गणना-पद्धति के अनुसार समय में अंतर हो सकता है. नवरात्रि के तीसरे दिन के रंग की सूचियां अलग-अलग परंपराओं में भिन्न मिलती हैं; कई 2026 कैलेंडरों में 13 अक्टूबर के लिए लाल रंग दिया गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-