एमपी के 71 अस्पतालों पर आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, 12 करोड़ का संदिग्ध क्लेम उजागर, जांच शुरू

एमपी के 71 अस्पतालों पर आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, 12 करोड़ का संदिग्ध क्लेम उजागर, जांच शुरू

प्रेषित समय :18:21:39 PM / Mon, Oct 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 12 करोड़ रुपये के संदिग्ध क्लेम की जांच की जा रही है. राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने टीएमएस (ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) साफ्टवेयर के डेस्कटॉप ऑडिट में मिले संकेतों के आधार पर 71 अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया है. इनमें मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर इलाज करने और बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती दर्शाने जैसे मामले सामने आए हैं.

भोपाल, इंदौर सहित पूरे प्रदेश में मामले

जांच के दायरे में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर, सतना, नीमच, शाजापुर और टीकमगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पताल शामिल हैं. एजेंसी के अनुसार, अस्पतालों की ओर से क्लेम दर्ज किए जाने के बाद पोर्टल पर उसकी ट्रैकिंग होती है. क्लेम में असामान्य गतिविधि मिलने पर सॉफ्टवेयर अलर्ट देता है, जिसके आधार पर संदिग्ध मामलों की जांच की जाती है. आयुष्मान योजना में अनियमितताओं को लेकर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी पहले भी कार्रवाई कर चुकी है.

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भोपाल के 25 अस्पतालों पर 2.11 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई थी. वहीं, 50 अस्पतालों पर 3.13 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाने के साथ 18 अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट और 15 को निलंबित किया गया था. अब 71 अस्पतालों के क्लेम की जांच से योजना के तहत इलाज और भुगतान की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

ऐसे पकड़ में आती है गड़बड़ी

टीएमएस में मरीज के पंजीयन, अस्पताल में भर्ती, इलाज, डिस्चार्ज और क्लेम से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है. डेस्कटॉप ऑडिट में इन विवरणों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के दौरान असामान्य मामलों को चिह्नित किया जाता है. मृत व्यक्ति के नाम पर इलाज दर्ज होना, बिना चिकित्सकीय जरूरत आईसीयू में भर्ती दिखाना या इलाज संबंधी विवरण में विसंगति मिलना जांच का आधार बन सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-