भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ेगी रफ्तार : आईएमएफ ने जताया 7 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ेगी रफ्तार : आईएमएफ ने जताया 7 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

प्रेषित समय :12:09:03 PM / Tue, Oct 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार से आगे बढ़ती रहेगी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने ताजा अनुमान में भारत की मजबूत स्थिति की पुष्टि करते हुए वर्ष 2026 और 2027 दोनों वित्तीय वर्षों के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. 

यह दर वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक है, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2026 में 3.1 प्रतिशत और 2027 में महज 3.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतें, बढ़ता वैश्विक सरकारी कर्ज और वित्तीय जोखिम अब भी दुनिया भर के बाजारों के लिए मुख्य चिंता बने हुए हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश बनेगा ग्लोबल ग्रोथ का इंजन

आईएमएफ ने अपने विश्लेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में हो रहे भारी निवेश को वैश्विक विकास का एक प्रमुख सकारात्मक सहारा माना है. कंप्यूटिंग हार्डवेयर, अत्याधुनिक डेटा सेंटर और एआई तकनीकों पर कंपनियों द्वारा किए जा रहे बड़े पूंजीगत व्यय से आर्थिक गतिविधियों को तेज रफ्तार मिल रही है. रिपोर्ट के अनुसार, लंबी अवधि में एआई तकनीक विभिन्न उद्योगों में उत्पादकता बढ़ाने, परिचालन लागत घटाने और व्यापारिक दक्षता में सुधार करने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, जिसका सीधा लाभ आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा.

वर्ल्ड बैंक, मूडीज और एसएंडपी ने भी बढ़ाया भारत का ग्रोथ अनुमान

आईएमएफ से पहले दुनिया की तमाम शीर्ष वित्तीय व रेटिंग एजेंसियां भी भारतीय अर्थव्यवस्था के शानदार प्रदर्शन पर मुहर लगा चुकी हैं. विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है. इसी तरह मूडीज रेटिंग्स ने भी हाल ही में अपने अनुमान में सीधे 1 प्रतिशत का बड़ा इजाफा करते हुए इसे 7 प्रतिशत किया था.

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत के विकास अनुमान में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जबकि फिच रेटिंग्स ने भी अपने पूर्व के 6.4 प्रतिशत के अनुमान को संशोधित कर 6.9 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है. सभी प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों के अनुमानों से स्पष्ट है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का अपना दर्जा मजबूती से बरकरार रखेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-