आज का दिन 18 अक्टूबर 2026, रविवार मां महागौरी की आराधना, नवरात्र का आठवां दिन और आज का पंचांग

आज का दिन 18 अक्टूबर 2026, रविवार मां महागौरी की आराधना, नवरात्र का आठवां दिन और आज का पंचांग

प्रेषित समय :18:17:09 PM / Tue, Oct 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर, व्हाट्सएप- 6367472963

18 अक्टूबर 2026, रविवार को शारदीय नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की आराधना की जाएगी. मां महागौरी को पवित्रता, शांति, करुणा और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी उपासना से सुख-शांति, पारिवारिक खुशहाली और जीवन में सकारात्मकता की कामना की जाती है.

मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत और तेजस्वी माना गया है. नवरात्र के इस चरण में भक्त देवी की पूजा, मंत्र-जप, आरती और दान-पुण्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं. अष्टमी पर कन्या पूजन और हवन की परंपरा भी अनेक परिवारों में प्रचलित है. हालांकि, इस वर्ष तिथि की गणना के कारण अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी और उदया तिथि के अनुसार अष्टमी का मुख्य पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा.

 

मां महागौरी की पूजा का धार्मिक महत्व

मां महागौरी नवदुर्गा का आठवां स्वरूप हैं. धार्मिक चित्रण में उन्हें चार भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है. उनके हाथों में त्रिशूल और डमरू जैसे प्रतीक होते हैं तथा वे वृषभ यानी सफेद बैल पर सवार दिखाई देती हैं. उनका स्वरूप शांति, निर्मलता और करुणा का संदेश देता है.

मान्यता है कि मां महागौरी की आराधना से भक्तों को मानसिक शांति, धैर्य और सकारात्मक सोच की प्रेरणा मिलती है. पूजा के दौरान देवी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलित कर पुष्प, फल, मिठाई और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित किया जा सकता है. कई परंपराओं में नारियल का भोग भी लगाया जाता है.

मां महागौरी का मंत्र “ॐ देवी महागौर्यै नमः” श्रद्धापूर्वक जप किया जा सकता है. अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन करने वाले परिवार छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन करते हैं और भोजन कराते हैं. पूजा-विधि परिवार और क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है.

 

आज के रंग का महत्व

शारदीय नवरात्र के आठवें दिन, 18 अक्टूबर 2026 के लिए कई रंग-सूचियों में बैंगनी रंग बताया गया है. इसे गरिमा, आध्यात्मिकता और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है. भक्त चाहें तो बैंगनी रंग के वस्त्र, दुपट्टे या अन्य परिधान पहनकर उत्सव की परंपरा में शामिल हो सकते हैं.

 

हालांकि, नवरात्र के रंगों का क्रम क्षेत्रीय परंपराओं और अलग-अलग कैलेंडरों के अनुसार बदल सकता है. इसलिए रंग को अनिवार्य नियम के रूप में लेने के बजाय श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्सव से जुड़ी परंपरा के रूप में देखना उचित है. मां महागौरी की आराधना में वस्त्रों के रंग से अधिक महत्व भक्ति, पवित्रता और अच्छे आचरण का है.

आज का पंचांग 18 अक्टूबर 2026

  • दिन: रविवार

  • मास: आश्विन

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • तिथि: शुक्ल सप्तमी सुबह लगभग 8:29 बजे तक, इसके बाद अष्टमी

  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा दोपहर लगभग 12:50 बजे तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा

  • योग: सुकर्मा

  • करण: वणिज सुबह लगभग 8:29 बजे तक, इसके बाद विष्टि

  • विक्रम संवत: 2083

  • ऋतु: शरद

  • चंद्र राशि: धनु

  • सूर्य राशि: तुला

पंचांग गणना के अनुसार, 18 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि रहेगी. अष्टमी तिथि सुबह लगभग 8:29 बजे आरंभ होकर 19 अक्टूबर की सुबह लगभग 10:51 बजे तक रहेगी. इसी कारण उदया तिथि के अनुसार महाअष्टमी का मुख्य पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा. परिवारों की परंपरा के अनुसार कुछ श्रद्धालु 18 अक्टूबर को भी महागौरी की पूजा कर सकते हैं.

 

 

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 6:23 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 5:48 बजे

  • चंद्रोदय: दोपहर लगभग 1:04 बजे

  • चंद्रास्त: रात लगभग 11:32 बजे

ये समय नई दिल्ली के आधार पर हैं. दूसरे शहरों में स्थानीय भौगोलिक स्थिति के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है.

 

आज के शुभ मुहूर्त

धार्मिक परंपराओं में कुछ समय विशेष को पूजा-पाठ, ध्यान, जप और संकल्प के लिए अनुकूल माना जाता है. 18 अक्टूबर के लिए नई दिल्ली के आधार पर प्रमुख समय इस प्रकार हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:43 से 5:33 बजे तक

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम लगभग 5:24 से 6:12 बजे तक

इन समयों का उपयोग पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए किया जाता है. कन्या पूजन, हवन या किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार समय तय करना उचित रहेगा.

 

आज के अशुभ काल

पंचांग परंपरा में राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल को कुछ शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है. 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के अनुसार इनका समय इस प्रकार है:

  • राहुकाल: शाम 4:23 से 5:49 बजे तक

  • यमगंड: दोपहर 12:06 से 1:32 बजे तक

  • गुलिक काल: दोपहर 2:57 से 4:23 बजे तक

ये समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं. इन्हें पारंपरिक पंचांग मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए, किसी कार्य की सफलता या असफलता की निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं.

 

 

आज का चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़िया दिन और रात को अलग-अलग समय खंडों में बांटने की पारंपरिक पद्धति है. नई दिल्ली के सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर दिन का अनुमानित चौघड़िया क्रम इस प्रकार है:

चौघड़िया

समय

उद्वेग

सुबह 6:23 से 7:47 बजे

चर

सुबह 7:47 से 9:11 बजे

लाभ

सुबह 9:11 से 10:35 बजे

अमृत

सुबह 10:35 से 11:59 बजे

काल

सुबह 11:59 से दोपहर 1:23 बजे

शुभ

दोपहर 1:23 से 2:47 बजे

रोग

दोपहर 2:47 से 4:11 बजे

उद्वेग

शाम 4:11 से 5:48 बजे

चौघड़िया के समय गणना-पद्धति और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकते हैं. इसे पारंपरिक समय-विभाजन के रूप में ही देखना चाहिए.

ग्रह स्थिति और दिन का ज्योतिषीय संदर्भ

18 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा धनु राशि में रहेगा. ज्योतिषीय परंपरा में तुला राशि को संतुलन, संबंधों और सामंजस्य से जोड़ा जाता है, जबकि धनु राशि ज्ञान, आशावाद और व्यापक दृष्टिकोण का प्रतीक मानी जाती है.

रविवार को परंपरागत रूप से सूर्य उपासना, आत्मचिंतन और अनुशासित दिनचर्या से जोड़ा जाता है. इस दिन अपने कार्यों की समीक्षा करने, परिवार के साथ समय बिताने और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का संकल्प लिया जा सकता है. ज्योतिषीय संकेत धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा हैं; जीवन के वास्तविक परिणाम व्यक्ति के प्रयासों, निर्णयों और परिस्थितियों पर भी निर्भर करते हैं.

आज का आध्यात्मिक संदेश

नवरात्र का आठवां दिन मां महागौरी के शांत, निर्मल और करुणामय स्वरूप का स्मरण कराता है. उनकी आराधना के साथ मन में सकारात्मक विचार रखने, परिवार के सदस्यों के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लिया जा सकता है.

अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु बच्चियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा के महत्व को भी याद कर सकते हैं. पूजा-पाठ के साथ अपने व्यवहार में विनम्रता, करुणा और जिम्मेदारी अपनाना आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

विशेष सूचना: इस लेख में दिए गए पंचांग और मुहूर्त के समय नई दिल्ली पर आधारित हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अन्य समय अलग हो सकते हैं. वर्ष 2026 में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी; इसलिए महाअष्टमी और कन्या पूजन की तारीख अपनी स्थानीय परंपरा और पंचांग के अनुसार निर्धारित करें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-