धनबाद. झारखंड के धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का मामला सामने आया है. वन विभाग ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपित वन्यजीवों से जुड़े विभिन्न अंगों और अन्य वस्तुओं की खरीद-बिक्री में शामिल थे. उनके पास से कई जानवरों के नाखून, चमड़े और वन्यजीवों से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं.
धनबाद के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) विकास पालीवाल ने बताया कि वन्यजीवों से संबंधित वस्तुओं की खरीद-बिक्री करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के मामले में वन विभाग ने करीब 50 लाख रुपये बाजार मूल्य के 70 वन्यजीव उत्पाद (वाइल्ड लाइफ आर्टिकल्स) बरामद किए हैं.
भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून में कराई जाएगी जांच
बरामद सामग्री में मिले कैट फैमिली के अंगों की पहचान के लिए उन्हें देहरादून स्थित जांच केंद्र भेजा जाएगा. जांच से पता लगाया जाएगा कि ये अंग बाघ के हैं या चीते के. वन विभाग मामले की जांच में जुटा है.
पैंगोलिन के 17 पीस स्किलस
पैंगोलिन के स्किलस 17 पीस बरामद किए गए जबकि कैट फैमिली के फर तीन पीस हड्डी नौ पीस और नाखून तीन पीस बरामद किए गए हैं. दोनों वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के शेड्यूल वन के तहत संरक्षित जीव हैं. मामले में वन विभाग की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. विभाग बरामद सामान की प्रकृति और उससे संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है. धनबाद जैसे कोयलांचल क्षेत्र में वन्यजीवों के अंगों की कथित तस्करी का मामला सामने आने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल उठे हैं. वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

