ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. चोरी के आरोप में पकड़ा गया उत्तराखंड निवासी सन्नी पाल छतरपुर पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी सहित फरार हो गया. आरोपी को इलाज के लिए ग्वालियर लाया गया था, लेकिन उसे सुरक्षित पुलिस अभिरक्षा में रखने के बजाय एक किराए के फ्लैट में ठहराने का आरोप है. इस दौरान होटल में खाना खाने और पार्टी करने की बात भी सामने आई है. घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है.
इलाज के लिए ग्वालियर पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के मुताबिक, छतरपुर पुलिस के आरक्षक विजय यादव, शुभम शर्मा और संदीप शुक्रवार देर रात चोरी के मामले में गिरफ्तार सन्नी पाल को हाथ में लगी चोट का उपचार कराने के लिए ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे. देर रात वरिष्ठ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने पर उसे सुबह दोबारा लाने के लिए कहा गया.
आरोप है कि इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को नियमानुसार सुरक्षित स्थान पर रखने और स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बजाय आरक्षक शुभम शर्मा के भाई गौरव शर्मा के लोटस विला स्थित किराए के फ्लैट में ठहरा दिया.
होटल में खाना खाने और पार्टी करने की चर्चा
मामले में सामने आए एक वीडियो में आरोपी होटल में भोजन करता दिखाई देने की बात कही जा रही है. आरोप है कि पुलिसकर्मी आरोपी को सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के बजाय होटल ले गए, जहां भोजन के साथ पार्टी भी की गई. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
बताया जा रहा है कि रात में फ्लैट पर लौटने के बाद आरोपी को हथकड़ी लगाई गई और पुलिसकर्मी सो गए. शनिवार सुबह जब उनकी नींद खुली तो आरोपी मौके से गायब था. वहां हथकड़ी की जंजीर मिली, लेकिन सन्नी पाल का कोई पता नहीं चला.
सीसीटीवी में गेट के पास घूमता नजर आया आरोपी
आरोपी के फरार होने के बाद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई. फुटेज में वह सुबह करीब साढ़े सात बजे परिसर में घूमता और मुख्य गेट के पास तैनात सुरक्षा गार्डों से बातचीत करता दिखाई दिया. बताया जा रहा है कि उसने अपनी शर्ट की आस्तीन से हथकड़ी छिपाने की कोशिश की थी.
वह दो बार गेट की ओर गया, लेकिन बाद में वापस लौटता नजर आया. इसके बाद उसकी गतिविधियां कैमरे में दर्ज नहीं हुईं. पुलिस को आशंका है कि वह दीवार फांदकर या किसी अन्य रास्ते से परिसर से बाहर निकल गया.
स्थानीय थाने को सूचना नहीं देने पर उठे सवाल
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, आरोपी को लेकर आई पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी. उन्होंने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी शहर में अनधिकृत रूप से ठहरे हुए थे. आरोपी की तलाश के लिए विश्वविद्यालय थाना पुलिस को सक्रिय किया गया है.
घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और आरोपी की निगरानी में हुई चूक की जांच की जा रही है. ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.
पुलिस अभिरक्षा से फरारी ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस घटना ने दूसरे जिले से आरोपी को लाने वाली पुलिस टीम की जिम्मेदारी, सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और हिरासत में रखे गए व्यक्ति की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा में चूक किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

