नई दिल्ली. वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मोहम्मद तनवीर की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने तनवीर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. तनवीर ने गुजरात हाईकोर्ट के 7 जुलाई 2026 के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी मौत की सजा बरकरार रखी गई थी.
यह मामला देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों में शामिल अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट से जुड़ा है. 26 जुलाई 2008 को शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब 70 मिनट के भीतर 21 धमाके हुए थे. इन विस्फोटों में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे.
हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी बरकरार रखी थी
अहमदाबाद धमाकों के मामले में विशेष अदालत ने फरवरी 2022 में 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी, जबकि 11 अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई थी. फैसले को चुनौती देते हुए दोषियों ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील की थी.
7 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोषियों की अपीलें खारिज कर दी थीं. इसके बाद मोहम्मद तनवीर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. अब शीर्ष अदालत ने उसकी फांसी की सजा पर रोक लगा दी है. इस आदेश का दायरा और आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित न्यायिक आदेश के अनुसार तय होगी.
मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने धमाकों में जान गंवाने वाले 56 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और 200 से अधिक घायलों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया था. अदालत के आदेश के मुताबिक, मुआवजे की राशि का भुगतान 30 मार्च 2027 तक किया जाना है.
2009 में शुरू हुआ था मुकदमा
धमाकों के बाद पुलिस ने अहमदाबाद के विभिन्न विस्फोट स्थलों और सूरत में बरामद बमों से जुड़े मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं. बाद में करीब 35 मामलों को जोड़कर एक व्यापक मुकदमा चलाया गया. इसकी सुनवाई वर्ष 2009 में शुरू हुई थी.
मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबी चली. अभियोजन पक्ष ने अदालत में 1,100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए और 6,000 से ज्यादा दस्तावेज पेश किए. मुकदमे में बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई. कोरोना महामारी के दौरान भी अदालत की कार्यवाही जारी रखी गई.
अब सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई पर नजर
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश दोषी मोहम्मद तनवीर की फांसी की सजा से संबंधित है. गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद शीर्ष अदालत में दी गई चुनौती अब मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. आगे की सुनवाई और अदालत के निर्देशों से यह स्पष्ट होगा कि दोषी की याचिका पर अंतिम निर्णय क्या होता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

