अब टीवी पर ही होगी खरीदारी! Google और Glance की साझेदारी से Android TV बनेगा स्मार्ट शॉपिंग प्लेटफॉर्म

अब टीवी पर ही होगी खरीदारी! Google और Glance की साझेदारी से Android TV बनेगा स्मार्ट शॉपिंग प्लेटफॉर्म

प्रेषित समय :21:07:47 PM / Thu, Oct 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. अब तक टेलीविजन का इस्तेमाल मुख्य रूप से फिल्में, धारावाहिक, समाचार और खेल देखने के लिए किया जाता रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसकी भूमिका बदल सकती है. गूगल और ग्लांस ने साझेदारी कर एंड्रॉइड टीवी को उत्पाद खोजने और ऑनलाइन खरीदारी के नए मंच के रूप में विकसित करने की पहल की है. इस व्यवस्था के तहत समर्थित टीवी पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से फैशन, घर की सजावट, यात्रा, खानपान और स्वास्थ्य से जुड़ी सामग्री देखी जा सकेगी. उपयोगकर्ता टीवी पर दिखाई देने वाले उत्पादों और जीवनशैली से जुड़े विचारों को तलाश सकेंगे और उनसे संबंधित खरीदारी के विकल्पों तक पहुंच पाएंगे.

यह सुविधा भारत, अमेरिका और जापान के समर्थित एंड्रॉइड टीवी उपकरणों के लिए पेश की गई है. इसका उद्देश्य टीवी की खाली स्क्रीन को उपयोगी बनाना और मनोरंजन के साथ उत्पादों की खोज तथा खरीदारी को जोड़ना है. हालांकि, सभी टीवी मॉडलों पर इसकी उपलब्धता और प्रत्येक सुविधा का संचालन अभी स्पष्ट नहीं है.

टीवी की खाली स्क्रीन पर दिखेंगे खरीदारी के विकल्प

आमतौर पर जब टीवी पर कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा होता, तो स्क्रीन पर पृष्ठभूमि की तस्वीरें या साधारण दृश्य दिखाई देते हैं. गूगल और ग्लांस की नई पहल इसी अनुभव को बदलने की कोशिश है. उपयोगकर्ताओं को टीवी की निष्क्रिय स्क्रीन पर ग्लांस आधारित विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा.

इसके जरिए फैशन, घर की सजावट और यात्रा से जुड़ी आकर्षक सामग्री प्रदर्शित की जा सकेगी. उपयोगकर्ता इन दृश्यों से प्रेरणा लेकर संबंधित उत्पादों को खोज सकेंगे. उदाहरण के लिए, टीवी पर किसी कमरे की सजावट का दृश्य दिखाई देने पर उससे मिलते-जुलते सामान की जानकारी प्राप्त करने या उपलब्ध उत्पादों को देखने का विकल्प मिल सकता है.

इस व्यवस्था का मुख्य विचार यह है कि उत्पादों की खोज केवल मोबाइल फोन या कंप्यूटर तक सीमित न रहे. टीवी की बड़ी स्क्रीन पर सामग्री देखने और खरीदारी के विकल्प तलाशने का अनुभव अधिक दृश्यात्मक और संवादात्मक बनाया जा सके.

उपयोगकर्ताओं के पास रहेगा स्क्रीन चुनने का विकल्प

नई सुविधा को वैकल्पिक रखा गया है. इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ता अपनी पसंद के अनुसार गूगल के डिफॉल्ट बैकड्रॉप विकल्प या ग्लांस आधारित एम्बिएंट स्क्रीन में से चुनाव कर सकेंगे.

यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीवी घर के साझा उपयोग वाला उपकरण है. हर उपयोगकर्ता अपनी स्क्रीन पर खरीदारी से जुड़ी सामग्री नहीं देखना चाहेगा. ऐसे में विकल्प उपलब्ध रहने से लोगों को यह तय करने का अवसर मिलेगा कि टीवी बंद रहने या इस्तेमाल में न होने के दौरान उस पर किस तरह की सामग्री दिखाई जाए.

हालांकि, यह सुविधा किस प्रकार सक्रिय होगी, कौन-कौन से टीवी मॉडल इसका समर्थन करेंगे और अलग-अलग बाजारों में इसके विकल्प कितने व्यापक होंगे, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

एआई शॉपिंग एजेंट से उत्पाद खोजना होगा आसान

इस साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा एआई आधारित शॉपिंग एजेंट है. इसे टीवी और मोबाइल फोन के बीच उत्पाद खोजने के अनुभव को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को किसी उत्पाद के बारे में जानकारी मिलने से लेकर उसे खरीदने के विकल्प तक पहुंचने में मदद करना है.

घोषणा के मुताबिक, इस व्यवस्था को सैकड़ों खुदरा विक्रेताओं के एकीकरण का समर्थन प्राप्त है. इससे उपयोगकर्ता चुनिंदा उत्पादों को देख सकेंगे और संबंधित खुदरा साझेदारों के माध्यम से खरीदारी के विकल्पों तक पहुंच पाएंगे.

उदाहरण के लिए, टीवी पर किसी विशेष शैली के कपड़े या घर की सजावट से संबंधित सामग्री दिखाई देती है, तो उपयोगकर्ता उससे जुड़े उत्पादों की जानकारी तलाश सकता है. इसके बाद उपलब्ध विकल्पों के आधार पर संबंधित विक्रेता तक पहुंचने का रास्ता मिल सकता है.

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि टीवी पर ही भुगतान पूरा किया जा सकेगा या कुछ स्थितियों में खरीदारी पूरी करने के लिए मोबाइल फोन अथवा अन्य उपकरण का इस्तेमाल करना होगा. अलग-अलग खुदरा साझेदारों के साथ उपलब्ध सुविधाएं भी भिन्न हो सकती हैं.

'शॉप द लुक' से पूरे अंदाज के उत्पादों की खोज

ग्लांस की नई व्यवस्था में 'शॉप द लुक' नाम का फीचर भी शामिल है. इसके जरिए उपयोगकर्ता टीवी पर दिखाए गए किसी खास अंदाज या दृश्य से जुड़े उत्पादों को खोज सकेंगे.

मान लीजिए, स्क्रीन पर कपड़ों का कोई संयोजन या घर के साज-सज्जा का आकर्षक दृश्य दिखाई देता है. उपयोगकर्ता उससे संबंधित वस्तुओं को अलग-अलग खोजने के बजाय पूरे अंदाज से जुड़े विकल्पों को देखने का प्रयास कर सकते हैं. इससे फैशन और घर की सजावट जैसे क्षेत्रों में उत्पादों की खोज अधिक दृश्यात्मक हो सकती है.

प्लेटफॉर्म में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों और एआई आधारित दृश्य प्रस्तुतियों को भी शामिल करने की योजना है. इनका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद देना है कि कोई उत्पाद किसी विशेष शैली या जीवनशैली के संदर्भ में कैसा दिखाई दे सकता है.

हालांकि, अलग-अलग उत्पादों के लिए दृश्यांकन और वर्चुअल ट्राय-ऑन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता का पूरा विवरण अभी स्पष्ट नहीं है. इसलिए यह मानना उचित नहीं होगा कि हर उत्पाद को टीवी पर आजमाने का विकल्प मिलेगा.

गूगल के टीवी मंच और ग्लांस की तकनीक का मेल

इस साझेदारी में गूगल का एंड्रॉइड टीवी तंत्र वितरण का आधार बनेगा, जबकि ग्लांस अपनी एआई आधारित सामग्री खोजने और डिजिटल कारोबार से जुड़ी तकनीक उपलब्ध कराएगा.

ग्लांस और इनमोबी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन तिवारी ने इस पहल को टीवी स्क्रीन की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़ने की दिशा में एक कदम बताया. उनका कहना है कि गूगल के एंड्रॉइड टीवी तंत्र और ग्लांस की एआई आधारित वाणिज्यिक तकनीक को मिलाकर ऐसा अनुभव तैयार किया जा सकता है, जिसमें प्रेरणा से उत्पाद की खोज और खरीदारी तक पहुंचना आसान हो.

कंपनियों की योजना मनोरंजन, जीवनशैली से जुड़ी सामग्री और ऑनलाइन खरीदारी को एक ही स्क्रीन पर जोड़ने की है. इससे टीवी केवल वीडियो देखने का उपकरण न रहकर उत्पादों की जानकारी पाने का माध्यम भी बन सकता है.

भारत, अमेरिका और जापान में उपलब्धता

घोषणा के अनुसार, ग्लांस का नया अनुभव भारत, अमेरिका और जापान में समर्थित एंड्रॉइड टीवी उपकरणों पर उपलब्ध कराया जा रहा है. कंपनी ने एयरटेल और DIRECTV के साथ अपनी साझेदारियों का भी उल्लेख किया है.

हालांकि, इन बाजारों में उपलब्धता का अर्थ यह नहीं है कि हर एंड्रॉइड टीवी उपयोगकर्ता को यह सुविधा तुरंत मिल जाएगी. इसके लिए संबंधित टीवी मॉडल का समर्थन और सुविधा का उपलब्ध होना जरूरी होगा.

कंपनियों ने अभी सभी संगत टीवी मॉडलों की विस्तृत सूची, चरणबद्ध शुरुआत की समय-सारणी या प्रत्येक देश में उपलब्ध सभी सुविधाओं का पूरा विवरण नहीं दिया है. इसलिए उपयोगकर्ताओं को अपने उपकरण और संबंधित सेवा में इसकी उपलब्धता की पुष्टि करनी होगी.

खुदरा कंपनियों के लिए भी खुल सकता है नया रास्ता

टीवी पर उत्पादों की खोज और खरीदारी का विकल्प खुदरा कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है. पारंपरिक ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक आम तौर पर किसी वेबसाइट या मोबाइल एप पर जाकर उत्पाद खोजते हैं. नई व्यवस्था में उत्पादों से परिचय टीवी पर दिखाई देने वाली सामग्री के माध्यम से हो सकता है.

इससे विक्रेताओं को संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का एक अतिरिक्त माध्यम मिल सकता है. वहीं, उपयोगकर्ताओं को बड़े पर्दे पर उत्पादों और उनसे जुड़े विचारों को देखने का अवसर मिलेगा.

लेकिन इस मॉडल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लोग टीवी पर खरीदारी से जुड़ी सामग्री को कितना पसंद करते हैं, उत्पादों की जानकारी कितनी उपयोगी होती है और खरीदारी की प्रक्रिया कितनी सरल रहती है.

निजता और उपयोगकर्ता के नियंत्रण पर भी रहेगी नजर

एआई आधारित व्यक्तिगत सुझावों के साथ यह सवाल भी महत्वपूर्ण होगा कि उपयोगकर्ता की पसंद और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा. कंपनियों की ओर से उपलब्ध घोषणा में डेटा संग्रह, व्यक्तिगत सुझावों के आधार और गोपनीयता संबंधी विस्तृत शर्तों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है.

इसलिए उपयोगकर्ताओं के लिए सेवा की शर्तें और गोपनीयता संबंधी जानकारी पढ़ना उपयोगी होगा. साथ ही, चूंकि यह अनुभव वैकल्पिक है, लोग अपनी पसंद के अनुसार इसे चुन सकते हैं या टीवी की मौजूदा पृष्ठभूमि सुविधा का उपयोग जारी रख सकते हैं.

क्या टीवी खरीदारी का नया केंद्र बनेगा

गूगल और ग्लांस की साझेदारी टीवी के इस्तेमाल में एक नए बदलाव का संकेत देती है. यदि यह अनुभव उपयोगकर्ताओं को पसंद आता है, तो टीवी पर मनोरंजन के साथ फैशन, घर की सजावट, यात्रा और अन्य उत्पादों की खोज भी रोजमर्रा की गतिविधि बन सकती है.

फिलहाल यह पहल समर्थित उपकरणों और चुनिंदा बाजारों तक सीमित है. इसकी वास्तविक सफलता उपकरणों की अनुकूलता, उत्पादों की उपलब्धता, उपयोगकर्ता अनुभव और खरीदारी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी. फिर भी, यह साझेदारी दिखाती है कि स्मार्ट टीवी का अगला चरण केवल सामग्री देखने तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि वह उत्पादों की खोज और डिजिटल खरीदारी का एक अतिरिक्त माध्यम भी बन सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-