27 अक्टूबर 2026, मंगलवार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह लगभग 7:01 बजे तक रहेगी. इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी. मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. आज भरणी नक्षत्र दोपहर 3:39 बजे तक रहेगा, जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा. आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा-पाठ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी.
आज का पंचांग: 27 अक्टूबर 2026
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दिन: मंगलवार
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
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मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: प्रतिपदा सुबह लगभग 7:01 बजे तक, इसके बाद द्वितीया
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नक्षत्र: भरणी दोपहर 3:39 बजे तक, फिर कृत्तिका
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योग: सिद्धि सुबह लगभग 10:53 बजे तक, इसके बाद व्यतीपात
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करण: कौलव सुबह लगभग 7:01 बजे तक, फिर तैतिल
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सूर्योदय: सुबह 6:29 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:40 बजे
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चंद्रोदय: शाम लगभग 6:23 बजे
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चंद्रास्त: सुबह लगभग 7:31 बजे
मंगलवार को किसकी पूजा करें?
मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करने की परंपरा है. श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद हनुमानजी के दर्शन कर सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन हनुमानजी की उपासना साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक मानी जाती है. पूजा के साथ जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने व्यवहार में संयम रखना भी अच्छा माना जाता है.
आज के शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:47 से 5:38 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर 1:57 से 2:41 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:40 से 6:06 बजे तक
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अमृत काल: सुबह लगभग 11:15 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक
मुहूर्त का उपयोग परंपरागत रूप से पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए किया जाता है. किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करें.
आज का राहुकाल और अशुभ समय
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राहुकाल: दोपहर 2:52 से शाम 4:16 बजे तक
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यमगंड: सुबह 9:17 से 10:41 बजे तक
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गुलिक काल: दोपहर 12:05 से 1:29 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: सुबह लगभग 8:44 से 9:28 बजे तक
परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है. यह धार्मिक मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं.
आज क्या करें?
मंगलवार को हनुमानजी का स्मरण करें, जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक संकल्प के साथ करें. यदि आप व्रत रखते हैं, तो अपनी पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य के अनुरूप उसका पालन करें.
आज तिथि सुबह ही बदल रही है, इसलिए प्रतिपदा या द्वितीया से संबंधित किसी विशेष पूजा-व्रत का निर्णय लेते समय स्थानीय पंचांग और धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखें.
आज का आध्यात्मिक संदेश
“साहस के साथ धैर्य और अच्छे कर्म जुड़ जाएं, तो कठिन रास्ते भी आसान हो सकते हैं.”
आज अपने काम पूरे मन से करें, क्रोध और जल्दबाजी से बचें तथा दूसरों के प्रति सम्मान बनाए रखें.
नोट: पंचांग के समय नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार दिए गए हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त में अंतर हो सकता है. अलग-अलग पंचांगों में गणना के कारण कुछ मिनटों का अंतर संभव है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

