31 अक्टूबर 2026, शनिवार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है. शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा और सेवा कार्यों के लिए विशेष माना जाता है. आज आर्द्रा नक्षत्र सुबह लगभग 7:12 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा. सिद्ध योग शाम लगभग 5:31 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को शनिदेव का स्मरण, जरूरतमंदों की सहायता और अपने कर्मों के प्रति ईमानदार रहना महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा से जुड़ी जानकारी.
आज का पंचांग: 31 अक्टूबर 2026
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दिन: शनिवार
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
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मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: षष्ठी शाम लगभग 4:57 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
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नक्षत्र: आर्द्रा सुबह लगभग 7:12 बजे तक, फिर पुनर्वसु
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योग: सिद्ध योग शाम लगभग 5:31 बजे तक, इसके बाद साध्य योग
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करण: वणिज शाम लगभग 4:57 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा)
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सूर्योदय: सुबह लगभग 6:32 बजे
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सूर्यास्त: शाम लगभग 5:37 बजे
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चंद्रोदय: रात लगभग 10:25 से 10:30 बजे के बीच
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चंद्रास्त: सुबह लगभग 11:55 बजे
शनिवार को शनिदेव की पूजा का महत्व
शनिवार का दिन शनिदेव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देने वाले देवता हैं. इस दिन श्रद्धालु शनिदेव के दर्शन करते हैं, दीपक जलाते हैं और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं.
सुबह स्नान के बाद अपने आराध्य का स्मरण करें. श्रद्धा के अनुसार शनिदेव के मंदिर में दर्शन कर सकते हैं और तिल या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान कर सकते हैं. पूजा के साथ ईमानदारी, अनुशासन और दूसरों के प्रति न्यायपूर्ण व्यवहार बनाए रखने का संकल्प भी लें.
आज के शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह लगभग 4:49 से 5:41 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर लगभग 1:55 से 2:40 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: शाम लगभग 5:12 से 6:00 बजे तक
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प्रदोष काल: शाम लगभग 5:37 से 7:07 बजे तक
शुभ मुहूर्त का उपयोग पूजा-पाठ, ध्यान और परंपरागत धार्मिक कार्यों के लिए किया जा सकता है. किसी विशेष संस्कार या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें.
आज का राहुकाल और अशुभ समय
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राहुकाल: सुबह 9:18 से 10:42 बजे तक
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यमगंड: दोपहर लगभग 1:27 से 2:50 बजे तक
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गुलिक काल: सुबह 6:32 से 7:55 बजे तक
परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है. यह धार्मिक मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं.
आज क्या करें?
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शनिदेव का स्मरण करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें.
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जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और भोजन या उपयोगी वस्तुओं का दान कर सकते हैं.
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अपने काम ईमानदारी और अनुशासन के साथ पूरे करें.
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परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करें और दूसरों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार रखें.
आज का आध्यात्मिक संदेश
“अच्छे कर्म, धैर्य और ईमानदारी जीवन को सही दिशा देते हैं.”
शनिवार का दिन आत्मचिंतन करने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर है. अपने व्यवहार में संयम रखें और जरूरतमंदों की सहायता करने का प्रयास करें.
नोट: पंचांग के समय नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार लगभग दिए गए हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त में अंतर हो सकता है. व्रत या विशेष पूजा के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

