आज का दिन-24 अक्टूबर 2026: शनिवार को शनिदेव की कृपा पाने का विशेष अवसर, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज का दिन-24 अक्टूबर 2026: शनिवार को शनिदेव की कृपा पाने का विशेष अवसर, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

प्रेषित समय :20:11:23 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

24 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. नई दिल्ली के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक त्रयोदशी रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी. शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की पूजा, हनुमान जी के स्मरण, सेवा और दान-पुण्य के लिए विशेष माना जाता है. श्रद्धालु आज शनिदेव की आराधना कर सुख-शांति और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना कर सकते हैं.

आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा. योग में रात लगभग 8 बजे तक व्याघात योग रहेगा, इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा. धार्मिक कार्यों और शुभ मुहूर्त के लिए नई दिल्ली के स्थानीय समय को ध्यान में रखना चाहिए.

शनिवार को शनिदेव की पूजा का महत्व

शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव न्याय, कर्म और अनुशासन के प्रतीक हैं. इस दिन श्रद्धालु शनिदेव के मंदिर में दर्शन करते हैं, सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं.

शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने की भी परंपरा है. श्रद्धालु हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं और अपने जीवन में धैर्य, साहस तथा सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना कर सकते हैं.

शनिवार की पूजा में क्या करें

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

  • शनिदेव और हनुमान जी का स्मरण करें.

  • अपनी श्रद्धा के अनुसार दीपक जलाएं और मंत्र-जप करें.

  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री दान करें.

  • अपने कार्यों में ईमानदारी, संयम और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लें.

आज का पंचांग 24 अक्टूबर 2026

दिन: शनिवार
तिथि: आश्विन शुक्ल त्रयोदशी, दोपहर 1:37 बजे तक; इसके बाद चतुर्दशी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: आश्विन
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद, रात 8:32 बजे तक; इसके बाद रेवती
योग: व्याघात, रात लगभग 8:02 बजे तक; इसके बाद हर्षण
करण: तैतिल, दोपहर 1:37 बजे तक; इसके बाद गर
ऋतु: शरद
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: मीन

नई दिल्ली में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय: सुबह 6:27 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:43 बजे
चंद्रोदय: शाम लगभग 4:22 बजे
चंद्रास्त: अगले दिन सुबह लगभग 4:20 बजे

ये समय नई दिल्ली के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं. अन्य शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त के समय में अंतर हो सकता है.

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह लगभग 4:51 से 5:39 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 बजे तक

अभिजित मुहूर्त को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. किसी विशेष संस्कार, यात्रा या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और संबंधित धार्मिक परंपरा के अनुसार समय तय करें.

आज का राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 1:30 से 2:54 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 6:27 से 7:52 बजे तक

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है. ये समय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं.

आज का चौघड़िया मुहूर्त

नई दिल्ली के समय के अनुसार दिन के चौघड़िया इस प्रकार हैं.

  • काल: सुबह 6:27 से 7:52 बजे तक

  • शुभ: सुबह 7:52 से 9:16 बजे तक

  • रोग: सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक

  • उद्वेग: सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक

  • चर: दोपहर 12:05 से 1:30 बजे तक

  • लाभ: दोपहर 1:30 से 2:54 बजे तक

  • अमृत: दोपहर 2:54 से शाम 4:18 बजे तक

  • काल: शाम 4:18 से 5:43 बजे तक

ध्यान दें कि चौघड़िया की शुभ मानी जाने वाली अवधि और राहुकाल या यमगण्ड जैसे समय आपस में मिल सकते हैं. इसलिए किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल एक समय देखकर निर्णय न लें.

आज का आध्यात्मिक संदेश

शनिवार हमें अपने कर्मों, जिम्मेदारियों और व्यवहार पर विचार करने की प्रेरणा देता है. धार्मिक आस्था के अनुसार, जरूरतमंदों की सहायता, मेहनत के प्रति ईमानदारी और दूसरों के प्रति सम्मान जीवन को बेहतर बनाने के महत्वपूर्ण तरीके हैं.

आज के दिन संकल्प लें कि अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से करेंगे, बड़ों का सम्मान करेंगे और जरूरतमंदों की यथासंभव मदद करेंगे.

डिस्क्लेमर: पंचांग और मुहूर्त के समय नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार दिए गए हैं. धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें. पूजा-पाठ और ज्योतिष संबंधी मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-